सब्जियों की कीमतों ने बिगाड़ा रसोई का बजट, डीज़ल महंगा होने के कारण बढ़ रहे दाम

डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की रसोई पर पड़ रहा है, डेढ़ गुना तक महंगी हुई सब्जियां, फ्यूल के दाम बढ़ने से बढ़ा है ट्रांसपोर्ट चार्ज

Updated: Feb 26, 2021, 07:00 PM IST

सब्जियों की कीमतों ने बिगाड़ा रसोई का बजट, डीज़ल महंगा होने के कारण बढ़ रहे दाम
Photo Courtesy: news 18

देशभर में पेट्रोल डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, जिसका सीधा असर वस्तुओं के दामों में दिखाई देने लगा है। फ्यूल महंगा होने की वजह से ट्रांसपोटर्स माल भाड़ा बढ़ा रहे हैं। जिससे हर सामान का दाम बढ़ गया है। बात चाहे किराना सामान की हो या फिर सब्जियों और फलों की, हर वस्तु के दाम डेढ़ गुना तक बढ़ गए हैं।

सब्जी मंडियों में 10-15 रुपए किलो मिलने वाले मटर, टमाटर, लौकी 20 रुपए में बिक रहे हैं। पालक, मेथी जो 10 रुपए में दो गड्डी मिलती थी वह अब 15 रुपए में दो गड्डी बिक रही है। आलू 20-25 रुपए और प्याज 50 रुपए के करीब बिक रहा है। हर शहर में थोक मंडियों में जो रेट होते हैं, उसमें फुटकर व्यापारी अपना मुनाफा जोड़कर बेचते हैं, जिससे आम कंज्यूमर के लिए दाम और बढ़ जाते हैं।

कहा जाता है सर्दियों में सब्जियां सस्ती मिलती हैं। लेकिन थोक व्यापारियों की मानें तो सस्ती सब्जी भी बाहर से मंगवाने के कारण अब महंगी हो गई है। सामान की ढुलाई महंगी होने का सीधा असर सब्जियों के दाम पर पड़ रहा है। खासतौर पर डीज़ल महंगा होने के कारण ट्रांसपोर्ट चार्ज बढ़ गया है। अब यही चार्ज सब्जी विक्रेता आम लोगों से वसूल रहे हैं। पिछले महीनों के मुकाबले गोभी, पालक. लौकी, धनिया, मिर्च, अदरक, परमल, खीरा, ककड़ी, गाजर, मूली जैसी सब्जियों के दामों में इजाफा हो गया है।

हाल ही में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें बढीं हैं। ट्रांसपोर्ट के काम आने वाले ज्यादातर वाहन डीज़ल से ही चलते हैं। ऐसे में डीज़ल के दाम बढ़ने का सीधा असर ट्रांसपोर्ट की लागत पर पड़ता है। लिहाजा, तमाम सामानों की की कीमतें बढ़ जाती हैं। इस महंगाई की सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। उसका रसोई का खर्चा बढ़ता जा रहा है। किराना, फल, सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। फल-सब्जियों के साथ ही साथ रसोई गैस महंगी होने का असर होटलों और रेस्टोरेंट्स की रेट लिस्ट पर भी पड़ रहा है।