कई देशों में पहुंचा कोरोना का नया वेरिएंट, भारत समेत दुनियाभर के देशों ने कड़े किए नियम

ब्रिटेन ने दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों की उड़ानों को अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया है, भारत ने भी अन्य देशों से आने वाले यात्रियों की निगरानी के लिए देशों की संख्या बढ़ा दी है

Updated: Nov 27, 2021, 09:42 AM IST

कई देशों में पहुंचा कोरोना का नया वेरिएंट, भारत समेत दुनियाभर के देशों ने कड़े किए नियम

नई दिल्ली। कोरोना के नए वेरिएंट ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका में मिला कोरोना का नया वेरिएंट अब यूरोप के देशों में पाया गया है। इसके बाद से ही कई देशों ने उड़ान संबंधी प्रतिबंधों को लागू करना शुरू कर दिया है। ब्रिटेन दक्षिण अफ्रीका सहित कुल 6 देशों से आने वाली उड़ानों को अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया है। 

ब्रिटेन के साथ साथ भारत, ऑस्ट्रेलिया और इजरायल जैसे देशों ने भी बड़े कदम उठाए हैं। इजराइल ने अफ्रीकी देशों से आवागमन को प्रतिबंधित कर दिया है। वहीं भारत ने विदेश से आने वाले यात्रियों की सघन जांच के लिए देशों की संख्या बढ़ा दी है। जबकि ऑस्ट्रेलिया ने अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की सघन जांच का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रिटेन की ही तर्ज पर ऑस्ट्रेलिया भी जल्द ही उड़ानों को प्रतिबंधित कर सकता है।

भारत ने ब्रिटेन सहित यूरोप के तमाम देशों, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मौरीशियस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, इजरायल और हॉन्गकॉन्ग जैसे देशों को जोखिम भरे राष्ट्रों की सूची में चिन्हित किया है। इन देशों से आने वाले यात्रियों की टेस्टिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के निर्देश दिए गए हैं। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कोरोना के इस नए वेरिएंट को लेकर चिंता जाहिर की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विश्व स्वास्थ्य संगठन वायरस के इस नए स्वरूप को वेरिएंट ऑफ कंसर्न की सूची में डालने की तैयारी कर रहा है। वहीं जल्द ही वह इस नए वेरिएंट को लेकर दुनिया भर की तमाम सरकारों को नए सिरे से दिशा निर्देश करने वाला है। 

यह भी पढ़ें: दक्षिण अफ्रीका और हॉन्गकॉन्ग में मिला कोरोना का नया वेरिएंट, भारत सरकार ने जारी किया अलर्ट

स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार कोरोना के इस नए स्वरूप को घातक बता रहे हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना का यह नया वेरिएंट अन्य वेरिएंट के मुकाबले अपने स्पाइक प्रोटीन में अधिक बदलाव करता है। इस वजह से यह अधिक तेजी से फैलता है। वहीं स्पाइक प्रोटीन में लगातार होते बदलाव के कारण कोरोना टीकों के लिए इस वेरिएंट से लड़ना काफी मुश्किल सिद्ध हो सकता है।