हांगकांग में एप्पल डेली के बंद होने पर बाइडन ने जताई आपत्ति, दुनिया भर में मीडिया की आजादी के लिए बताया दुखद दिन

एप्पल डेली के संस्थापक को गिरफ्तार किया गया है, चीफ एडिटर, सीईओ समेत पांच संपादकों को भी गिरफ्तार किया गया है, इन सभी को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अनुपालन के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है, अख़बार के कागजात भी ज़ब्त किए गए हैं

Updated: Jun 25, 2021, 10:33 AM IST

हांगकांग में एप्पल डेली के बंद होने पर बाइडन ने जताई आपत्ति, दुनिया भर में मीडिया की आजादी के लिए बताया दुखद दिन
Photo Courtesy: BBC

नई दिल्ली। हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक अख़बार एप्पल डेली के बंद होने पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपनी आपत्ति ज़ाहिर की है। अख़बार का प्रकाशन बंद होने को बाइडन ने न सिर्फ हांगकांग पर दुनिया भर में मीडिया की आज़ादी के लिए दुखद करार दिया है। बाइडन ने कहा है कि एप्पल डेली का बंद होने न सिर्फ हांगकांग बल्कि दुनिया भर में मीडिया आज़ादी के लिए दुखद दिन है। इतना ही नहीं बाइडन ने यह भी कहा है कि एप्पल डेली जैसे अखबारों की जरूरत न सिर्फ हांगकांग बल्कि दुनिया के हर उस कोने में है जहां लोकतंत्र खतरे में है। 

एप्पल डेली का प्रकाशन बंद होने के बाद व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति का बयान जारी किया। बयान के मुताबिक बाइडन ने कहा कि स्वतंत्र आवाज़ को दबाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उपयोग कर बीजिंग ने अपनी शक्ति का उपयोग किया है। बाइडन ने कहा है कि धमकी देकर और जबरदस्ती कर असहमति की आवाज़ को दबाने का काम किया गया है। जो कि न सिर्फ हांगकांग बल्कि दुनिया भर में मीडिया की आज़ादी के लिए एक दुखद दिन है। 

बाइडन ने हांगकांग की चीन समर्थक सरकार की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा है कि पत्रकार ही सबके सामने सच्चाई रखकर नेताओं को जवाबदेह बनाते हैं। बाइडन ने कहा कि पत्रकारों की वजह से सूचनाएं स्वतंत्र रूप से प्रवाहित होती हैं। बाइडन ने कहा कि अब आजाद मीडिया की ज़रूरत न सिर्फ हांगकांग बल्कि दुनिया के हर उस हिस्से में जहां लोकतंत्र खतरे में है। 

एप्पल डेली की पहचान हांगकांग में लोकतंत्र का समर्थन करने वाले अख़बार की तौर पर होती है। यह अख़बार पिछले 26 वर्षों से प्रकाशित हो रहा था। अख़बार के संस्थापक जिमी लाई, अख़बार के चीफ एडिटर, सीईओ समेत पांच संपादकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अख़बार के कागजात भी ज़ब्त किए जा चुके हैं। 

इन सभी कार्रवाई से परेशान होकर आखिरकार अख़बार ने अपना प्रकाशन गुरुवार को बंद कर दिया। गुरुवार को अख़बार ने अंतिम दिन अपनी प्रतियां छपी। गुरुवार को अख़बार ने करीब दस लाख प्रतियां छापी। जिसे खरीदने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गई।