सऊदी अरब के पुरुषों पर नकेल, पाकिस्तान समेत चार देशों की महिलाओं से नहीं कर सकेंगे शादी

सऊदी अरब में पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार और चाड की महिलाओं से शादी की इच्छा रखने वालों को अब सख्त नियमों का सामना करना पड़ेगा, इन देशों की 5 लाख महिलाएं सऊदी अरब में हैं

Updated: Mar 20, 2021, 12:29 PM IST

सऊदी अरब के पुरुषों पर नकेल, पाकिस्तान समेत चार देशों की महिलाओं से नहीं कर सकेंगे शादी
Photo Courtesy: DW

रियाद। सऊदी अरब ने विदेशी महिलाओं से शादी की इच्छा रखने वाले पुरुषों पर नकेल कसते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। अब वहां के पुरुष पाकिस्तान, बांग्लादेश, चाड और म्यांमार की महिलाओं से शादी नहीं कर सकेंगे। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने सऊदी मीडिया के एक रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलहाल सऊदी अरब में इन चार देशों की लगभग 5 लाख महिलाएं रह रही हैं।

सऊदी अरब के इस फैसले का इन चारों देशों में स्वागत किया जा रहा है। पाकिस्तानी महिला उसमा हुसैन ने इस फैसले को पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार और चाड़ की महिलाओं पर सऊदी अरब का उपकार बताया है। अंग्रेजी अखबार अलराबिया के मुताबिक उसमा ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'किंगडम ने पाकिस्तान, बांग्लादेश, चाड़ और म्यांमार की भाग्यशाली महिलाओं पर बहुत बड़ा उपकार किया है। अन्य देशों की महिलाओं को भी आगे आकर ऐसी मांग करनी चाहिए।'

मक्का के पुलिस महानिदेशक मेजर जनरल असफ अल-कुरैशी के हवाले से 'मक्का डेली' की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी महिलाओं से शादी करने की इच्छा रखने वाले सऊदी पुरुषों को अब सख्त नियमों का सामना करना पड़ेगा। कुरैशी ने बताया है कि विदेशी महिलाओं से विवाह करने की इच्छा रखने वालों को पहले सरकार से विशेष अनुमति लेनी होगी। साथ ही विवाह के लिए सरकार को एप्लीकेशन देना होगा।

कुरैशी ने बताया कि तलाकशुदा पुरुषों को तलाक के छह महीने के भीतर आवेदन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नए नियमों के तहत आवेदकों की उम्र 25 साल से ज्यादा होनी चाहिए। साथ ही आवेदक अगर पहले से शादीशुदा है, तो उसे ऐसी मेडिकल रिपोर्ट देनी होगी, जिससे यह पता चलता हो कि उनकी पत्नी विकलांग है, पुरानी बीमारी से पीड़ित है या बच्चे को जन्म नहीं दे सकती है।' जिन शादीशुदा पुरुषों की पत्नी इनमें से किसी श्रेणी में नहीं होगी, उसे एक और शादी करने की इजाजत नहीं मिलेगी।

सऊदी अरब में विदेशी महिलाओं से शादी करने को लेकर हमेशा से विवाद की स्थिति रही है। पिछले कुछ दशकों के दौरान वहां के पुरुषों में विदेशी महिलाओं को घर लाने का एक चलन सा बन गया। सऊदी सरकार के इस कदम का उद्देश्य वहां के पुरुषों को विदेशियों से शादी करने से रोकना है। सऊदी अरब के पुरुषों पर ऐसे आरोप बड़े पैमाने पर लगते रहे हैं कि वे पैसों के बल पर विदेशों से महिलाओं को खरीदकर लाते हैं और उसे विवाह का नाम देकर महिलाओं के साथ ज्यादती करते हैं।