3 हजार सैनिकों को दोबारा अफगानिस्तान भेजने का फ़ैसला, नागरिकों को सुरक्षित निकालने की क़वायद

अमेरिकी दूतावास और काबुल में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की कवायद, अमेरिकी अधिकारियों को लगता है अगले 30 दिनों में तालिबानी काबुल तक पहुंच सकते हैं 

Updated: Aug 13, 2021, 10:35 AM IST

3 हजार सैनिकों को दोबारा अफगानिस्तान भेजने का फ़ैसला, नागरिकों को सुरक्षित निकालने की क़वायद
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नई दिल्ली। पेंटागन 3 हजार मरीन सैनिकों को दोबारा अफगानिस्तान में भेज रहा है। इसके अलावा 4 हजार अन्य सैनिकों को भी इस क्षेत्र में भेजा जा रहा है, ताकि काबुल स्थित अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों और वहां फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा सके। अमेरिका के सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन को तालिबान के तेजी से बढ़ते कदमों को देखकर ये लगने लगा है कि अगले महीने तक अफगानिस्तान सरकार का पतन हो सकता है। इसे देखते हुए ही अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए सैनिक भेजे जा रहे हैं।

अफगानिस्तान में तेजी से बिगड़ती स्थिति को देखते हुए बाइडेन प्रशासन को वहां से अपने नागरिकों को निकालने की योजना में तेजी लानी पड़ी है। तालिबान उत्तर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अफगान सुरक्षा बल दक्षिण और पश्चिम में अपने सिमटते क्षेत्र की रक्षा की लड़ाई लड़ रहे हैं। राष्ट्रपति बिडेन ने बुधवार की रात और फिर गुरुवार की सुबह अपने शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ बैठक के बाद तुरंत अतिरिक्त फ्लाइट्स का आदेश दिया ताकि वहां से अपने नागरिकों को निकाला जा सके। 

अमेरिकी दूतावास की ओर से भेजे गए अलार्मिंग मैसेज में अफगानिस्तान में अमेरिकी नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने के लिए कहा गया है। वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नीड प्राइस ने कहा है कि करीब 4 हजार अमेरिकी वहां फंसे हैं, जिसमे 1400 अमेरिकी नागरिक और बाकी दूतावास के कर्मचारी हैं। इन्हें तुरंत अफगानिस्तान छोड़ने को कहा गया है। लेकिन प्राइस ने यह भी कहा कि दूतावास से कर्मचारियों को निकालने का ये मतलब नहीं है कि दूतावास बंद हो जाएगा, दूतावास खुला रहेगा।

इधर तीन अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि अमेरिकी वार्ताकार तालिबान से ये आश्वासन लेने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर तालिबान अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज हो जाते हैं और वे विदेशी सहायता प्राप्त करना चाहते हैं तो वे काबुल स्थित अमेरिकी  दूतावास पर कभी हमला नहीं करेंगे। अमेरिकी प्रशासन और सैन्य अधिकारियों का अगले 30 दिनों के लिए एक अनुमान ये भी है कि काबुल के पतन को रोका जा सकता है यदि अफगान सुरक्षा बल तालिबान का प्रतिरोध तेज करते हैं। अगर अफगान सुरक्षा बल उत्तर में तालिबान के कब्जे वाले इलाके में लड़ाई जारी रखने में कामयाब रहते हैं तो काबुल को बचाया रखा जा सकता है। 
इस बीच तालिबान ने गुरुवार को काबुल से लगभग 90 मील दक्षिण में स्थित बेहद महत्वपूर्ण शहर गज़नी पर कब्जा कर लिया है। उत्तर में हाल में मिली जीत के बाद तालिबानी लड़ाके काबुल पर हमला करने की बेहतर स्थिति में आ गए हैं।