पेट्रोल-डीज़ल वाली कारें होंगी बंद, ब्रिटेन की सरकार का बड़ा फ़ैसला

ब्रिटेन की सरकार ने प्रदूषण घटाने के लिए 2030 से पेट्रोल-डीज़ल से चलने वाली कारों पर पूरी तरह रोक लगाने का फ़ैसला किया है, इलेक्ट्रिक कारों को दिया जाएगा बढ़ावा

Updated: Nov-18, 2020, 09:07 PM IST

पेट्रोल-डीज़ल वाली कारें होंगी बंद, ब्रिटेन की सरकार का बड़ा फ़ैसला
Photo courtesy: Smallbusiness.co.uk

वायु प्रदूषण पूरे विश्व के लिए एक चुनौती है। इस पर काबू पाने के लिए कई देशों में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ब्रिटेन सरकार ने 2030 से डीजल और पेट्रोल कारों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। यूके सरकार का यह फैसला ग्रीन इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन के लिए 10-सूत्रीय योजना का हिस्सा होगा।

पेट्रोल और डीजल गाड़ियां वायु प्रदूषण बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं। विश्व में कई कोशिशों के बाद भी पेट्रोल और डीजल की गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यूके सरकार का दावा है कि उनके इस फैसले से ब्रिटेन में तकरीबन ढाई लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा हो सकेंगे।

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की कवायद की जाएगी। इंग्लैंड में घरों और रास्तों पर इलेक्ट्रिक वाहन के चार्जिंग के लिए चार्ज पॉइंट लगाए जाएंगे। इसके लिए 1.3 बिलियन पाउंड खर्च का बजट रखा गया है। पहले इन गाड़ियों की बिक्री की योजना 2040 में लागू होने वाली थी।

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के अनुसार ग्रीन इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन स्कॉटलैंड और नॉर्थ ईस्ट की विंड टरबाइनों से संचालित होगी। जो मिडलैंड्स में बनाए गए इलेक्ट्रिक वाहनों से प्रेरित हैं। वेल्स में विकसित आधुनिक तकनीक द्वारा विकसित हुई हैं। जिससे प्रदूषण कम होगा और गो ग्रीन को बढ़ावा मिलेगा। देश को साल 2050 तक शून्य उत्सर्जन बनाने में मदद मिलेगी।

इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी के विकास और उत्पादन पर अगामी चार सालों में करीब 500 मिलियन पाउंड खर्च होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार के इस फैसले पर ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष एडमंड किंग ने सरकार के फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि सभी इलेक्ट्रोनिक वाहनों की तरह बढ़ना चाहते हैं, लेकिन सरकार किसी एक तारीख को अचानक से तय नहीं कर सकती है। जबतक इसके लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं तैयार हो जाता।