कोरोना से जंग में बड़ी सफलता, अमेरिका में 11 दिसंबर से शुरू हो जाएगा टीकाकरण

Corona Vaccine: जर्मनी और ब्रिटेन में भी दिसंबर में शुरू हो जाएगा टीकाकरण, भारत में वैक्सीन मार्च 2021 तक मिल पाने की उम्मीद

Updated: Nov 23, 2020, 09:02 PM IST

कोरोना से जंग में बड़ी सफलता, अमेरिका में 11 दिसंबर से शुरू हो जाएगा टीकाकरण
Photo Courtesy : BBC.com

नई दिल्ली। कोरोना के खिलाफ जंग में अच्छी खबर है। लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने का काम अमेरिका में 11 दिसंबर से शुरू हो जाने की उम्मीद है। जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों में भी दिसंबर में वैक्सीनेशन शुरू हो जाने के आसार हैं। स्पेन में टीकाकरण की प्रक्रिया जनवरी में शुरू होगी। लेकिन भारत में इसके लिए थोड़ा और इंतज़ार करना पड़ सकता है। उम्मीद की जा रही है कि भारत में कोरोना का टीका लगाने की प्रक्रिया मार्च 2021 तक शुरू हो जाएगी।

भारत में बनने वाली वैक्सीन 90 प्रतिशत कारगर 

एक अच्छी खबर यह भी है कि ऑक्सफ़ोर्ड-एस्ट्राजेनेका की भारत में बनाई जा रही कोविशील्ड वैक्सीन 90 प्रतिशत तक कारगर पाई गई है। ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ने बयान जारी कर बताया है कि यूके और ब्राजील में किए गए परीक्षणों में वैक्सीन (AZD1222) काफी असरदार पाई गई। आधी डोज दिए जाने पर वैक्सीन 90% तक इफेक्टिव मिली। इसके बाद दूसरे महीने में फुल डोज दिए जाने पर 62% असरदार देखी गई। इसके एक महीने बाद दो फुल डोज देने पर वैक्सीन का असर 70% देखा गया। ये वैक्सीन पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया बना रहा है। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने अपने एक बयान में बताया है कि भारत में वैक्सीन अगले साल के शुरुआती तीन महीनों में मिलने की उम्मीद है। हर्षवर्धन के मुताबिक सितंबर 2021 तक 25-30 करोड़ भारतीयों को टीका लगाया जा सकता है। सबसे पहले हेल्थ वर्कर्स का वैक्सीनेशन होगा।

अमेरिका से पहले ब्रिटेन में शुरू हो सकता है वैक्सीनेशन 
अमेरिका में 11 दिसंबर को पहले व्यक्ति का टीकाकरण किया जाएगा। हालांकि अमेरिका से पहले ब्रिटेन में वैक्सीन आ सकती है।  द गार्जियन’ के मुताबिक, फाइजर और बायोएनटेक की वैक्सीन को इस सप्ताह ही मंजूरी मिल सकती है। अगर ऐसा होता है तो दिसंबर के पहले हफ्ते में यहां वैक्सीनेशन शुरू हो सकता है। फाइजर और बायोएनटेक ने अमेरिका और यूरोपीय देशों की संबंधित संस्थाओं से वैक्सीनेशन के लिए मंजूरी मांगी है।दोनों कंपनियों ने दावा किया था कि उनका वैक्सीन ट्रायल्स के दौरान 95% इफेक्टिव रहा और इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं देखे गए। इसके पहले मॉडर्ना ने दावा किया था कि उसकी वैक्सीन 94.5% इफेक्टिव है। 

 जर्मनी में भी वैक्सीनेशन दिसंबर में शुरू होना है। जर्मनी में 30 लाख वैक्सीन की तैयारी भी की जा चुकी है। द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी के हेल्थ मिनिस्टर ने यह दावा किया है कि यूरोप में जर्मनी और स्पेन पहले ऐसे देश हैं जिन्होंने वैक्सीनेशन के लिए पूरी तैयारी कर ली है।जेन्स स्पाह्न ने कहा, उम्मीद है कि अगले महीने से इस पर अमल किया जा सकेगा। दिसंबर के मध्य तक तमाम वैक्सीनेशन सेंटर्स एक्टिव हो जाएंगे। जर्मनी ने 30 लाख वैक्सीन सिक्योर करने का ऑर्डर पहले ही दे दिया है। यह हमारे लिए काफी हैं। जरूरत पड़ने पर हम अपने सहयोगी देशों को भी दे सकते हैं। 

स्पेन में तीन महीने में पूरा हो जाएगा वैक्सीनेशन 
स्पेन में जनवरी माह से वैक्सीनेशन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि स्पेन में तीन महीने के भीतर वैक्सीनेशन पूरा हो जाएगा। स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेज ने रविवार को बताया कि देश में वैक्सीनेशन का काम जनवरी में शुरू कर दिया जाएगा। सांचेज ने कहा- हमने अपनी तरफ से तमाम जरूरी व्यवस्थाएं कर ली हैं। हम ये मानकर चल रहे हैं कि देश में जनवरी में वैक्सीनेशन शुरू होगा और तीन महीने में पूरे देश को इसके डोज मुहैया करा दिए जाएंगे।

उधर, यूनिसेफ ने कहा है कि हम 350 एयरलाइंस और कार्गो फ्लाइट कंपनियों से बातचीत कर रहे हैं, ताकि वैक्सीन को सही वक्त पर और सुरक्षित तरीके से देशों तक पहुंचाया जा सके। वैक्सीन के साथ लाखों सिरिंज भी होंगी। हमारा फोकस खासतौर पर बुरुंडी, अफगानिस्तान और यमन जैसे उन गरीब देशों पर है, जहां कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है और उनके पास निपटने के संसाधन नहीं हैं।