इंदौर के सरकारी अस्पताल में ब्लैक फंगस से 15 मरीजों की मौत, शहर में 250 से ज्यादा मरीजों का इलाज

मंगलवार को सामने आए एक दर्जन नए केस, अब तक 255 मरीजों में हुई म्यूकोर्मिकोसिस की पुष्टि, बिना कोरोना और स्टिरॉइड के उपयोग वाले 7 मरीजों में भी मिला ब्लैक फंगस,

Updated: May 25, 2021, 11:09 PM IST

इंदौर के सरकारी अस्पताल में ब्लैक फंगस से 15 मरीजों की मौत, शहर में 250 से ज्यादा मरीजों का इलाज
Photo courtesy: Business Today

इंदौर। इंदौर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मंगलवार को ब्लैक फंगस के 12 नए मरीजों की पुष्टि हुई है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। जिसके बाद अब MGM मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की संख्या 255 हो गई है। यहां ब्लैक फंगस से करीब 15 मरीजों की मौत हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यहां सोमवार तक म्यूकोर माइकोसिस से 15 लोगों की मौत हुई है।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल अस्पताल में भर्ती 255 मरीजों में से  231 मरीज कोरोना से रिकवर होने के बाद ब्लैक फंगस की चपेट में आए थे। वहीं सात मरीज ऐसे थे जिन्हें कभी कोविड हुआ ही नहीं था। जबकि 17 मरीजों में कोरोना संक्रमण के दौरान ही ब्लैक फंगस से लक्षण दिखाई दिए। MGM मेडिकल कॉलेज अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज में बीते 24 घंटों में 13 सर्जरी की गई हैं, जिसके बाद कुल ऑपरेशन की संख्या 86 हो गई है।

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इस बारे में अस्पताल के मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष वीपी पांडे का कहना है ब्लैक फंगस के इलाज के लिए हुई सर्जरी में कुछ मरीजों की आंखों की सर्जरी हुई है तो कुछ मरीजों के नाक से फंगस निकालने के लिए ऑपरेशन किया गया है। लेकिन सबसे बड़ी मुश्किल इसके बचाव के लिे लगनेवाले इंजेक्शन को लेकर सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के स्टॉक में एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन की 64 शीशियां ही बाकी बची हैं। ये दवाइयां अब बाजार में उपलब्ध नहीं हैं। बल्कि सरकार जरूरत के हिसाब से अस्पतालों को मुहैय्या करा रही है। इसलिए दवा की किल्लत एक बड़ी समस्या बनी हुई है। बता दें कि ब्लैक फंगस के मरीज़ों में मृत्यु दर काफी ज्यादा है। जानकारों के मुताबिक लगभग पचास फीसदी मृत्यु दर बतायी जा रही है।