रिपोर्ट्स का दावा, मध्यप्रदेश में कोरोना के 5 वैरिएंट कर रहे लोगों को दोबारा बीमार

कोरोना वायरस के 5 नए वैरिएंट लोगों की रोगप्रतिरोधक क्षमता पर कर रहे अटैक, 100 में से 3 लोगों को हो रही हार्ट की समस्याएं, रिकवरी के 6-8 महीनों बाद दोबारा हो रहा कोरोना संक्रमण

Updated: May 03, 2021, 12:41 PM IST

रिपोर्ट्स का दावा, मध्यप्रदेश में कोरोना के 5 वैरिएंट कर रहे लोगों को दोबारा बीमार
Photo courtesy: AajTak

इंदौर। प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीज बड़ी संख्या में दोबारा कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। माना जा रहा है कि मरीज कोरोना वायरस के नए वैरिएंट की चपटे में आने से दोबारा कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो प्रदेश में कोरोना वायरस के 5 नए वैरिएंट एक्टिव हैं। ये नए वैरिएंट लोगों की इम्यूनिटी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिसकी वजह से लोग बीमार पड़ रह हैं। कोविड 19 से रिकवर हो चुके मरीज भी अगले 7-8 महीनों में दोबारा कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं। वहीं कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बावजूद लोगों कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं। 

जो पांच नए वैरिएंट मध्यप्रदेश में एक्टिव हैं उनमें कई बड़े खतरनाक है जो की 10-20 प्रतिशत तेजी से बढ़ते हैं, इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता को नुकसान पहुंचाते हैं। जिससे शरीर में काफी कमजोरी आती है।

इन वैरिएंट्स के नाम N501Y, L452R, E484K/Q, E484K/Q, S477N बताए जा रहे हैं।  S477N लेटेस्ट म्यूटेशन वायरस और इंसानी कोशिकाओं के जोड़ को ज्यादा मजबूत करता है। जिससे मरीज की रिकवरी में परेशानी आती है। नए वैरिएंट्स इंसान के शरीर में जो एंटीबॉडी बनी होती है, उसे कमजोर करने की कोशिश करता है।

वहीं जिम्मेदार इस बात को तो मान रहे हैं कि वायरस का म्यूटेशन हुआ है, लेकिन वैरिएंट की संख्या के बारे में खुलकर कोई बात नहीं की जा रही है।

प्रदेश के एक प्रतिष्ठित अखबार के अनुसार मध्यप्रदेश में नए वैरिएंट को लेकर एक अहम रिपोर्ट दो महीने पहले ही आ चुकी है, लेकिन अब तक प्रदेश सरकार की और से इसे सार्वजनिक करने की जहमत नहीं उठाई गई है।

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दरअसल नया स्ट्रेन का पता लगाने के लिए फरवरी में 204 सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे गए थे। जिसकी रिपोर्ट में पुष्टि हुई थी कि इंदौर के कोरोना मरीजों में यूके और साउथ अफ्रीका के वैरिएंट पाए गए हैं। कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन संक्रमण की दर बढ़ाने के साथ-साथ एंटीबॉडी पर भी असर डालने में सक्षम हैं। इस बारे में पहले कहा जा रहा था कि इंदौर समेत प्रदेश के कई स्थानों में यूके का स्ट्रेन मिला है जिसे ज्यादा घातक नहीं माना जा रहा था। लेकिन अब वही नया वैरिएंट लोगों  की परेशानी का सबब बना हुआ है। लोगों की इम्यूनिटी को बार-बार वीक कर रहा है, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग दोबारा कोरोना की जद में आ रहे हैं। 

वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 3 से 4 प्रतिशत लोगों में कोरोना के साथ-साथ हार्ट की समस्याएं सामने आ रही हैं। रोजाना आने वाले केसेज में से 100 में से 3-4 मरीजों को थ्रम्बोसिस की समस्या की वजह से खून पतला करने की दवा देना पड़ रही है।

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मध्यप्रदेश में बीते 24 घंटों में कुल कोरोना संक्रमित 12,662 मरीज मिले हैं। वहीं 13,890 लोग रिकवर हुए हैं। रविवार को कोरोना की वजह से राज्य में 94 लोगों ने दम तोड़ा है। कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 5 लाख 88 हजार से ज्यादा हो चुका है। जिनमें से 4 लाख 95 हजार 367 लोग ठीक हो चुके हैं। कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या 87,189 है।