खंडवा लोकसभा सीट से उपचुनाव नहीं लड़ेंगे अरुण यादव, बोले- पार्टी जिसे टिकट देगी पूर्ण समर्थन रहेगा

खंडवा लोकसभा सीट से कांग्रेस के सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे थे अरुण यादव, अब पारिवारिक कारणों का हवाला देकर चुनाव लड़ने से किया इनकार, उम्मीदवारी पर सस्पेंस बरकरार

Updated: Oct 04, 2021, 10:35 AM IST

खंडवा लोकसभा सीट से उपचुनाव नहीं लड़ेंगे अरुण यादव, बोले- पार्टी जिसे टिकट देगी पूर्ण समर्थन रहेगा
Photo Courtesy: IndiaNews

खंडवा। मध्य प्रदेश की खंडवा लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रबल दावेदार माने जा रहे अरुण यादव ने अचानक चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। यादव ने पारिवारिक कारणों को इसका वजह बताया है। खास बात ये है कि उन्होंने इस बात का आश्वासन दिया है कि कांग्रेस जिसे उम्मीदवार बनाएगी उसका मैं समर्थन करूंगा। माना जा रहा है कि पार्टी के भीतर आपसी विवाद और दबाव के कारण अरुण यादव ने उपचुनाव से अपने कदम खींचे हैं। 

अरुण यादव ने रविवार देर रात खुद ट्वीट कर बताया कि उन्होंने उपचुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया है। यादव के मुताबिक रविवार को उन्होंने पीसीसी चीफ कमलनाथ और प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक से मुलाकात की थी। इसी दौरान उन्होंने पारिवारिक कारणों से चुनाव न लड़ने की जानकारी भी उन्हें लिखित में दी। यादव ने ट्वीट किया है कि अब पार्टी जिसे भी उम्मीदवार बनाएगी मैं उनके समर्थन में पूर्ण सहयोग करूंगा। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस पार्टी द्वारा खंडवा सीट को लेकर कराए गए सर्वे में अरुण यादव का नाम ही सबसे जिताऊ उम्मीदवार के रूप में सामने आया था। बावजूद इसके अरुण यादव की उम्मीदवारी फाइनल होने में लगातार देर हो रही थी। अरुण यादव ने भी क्षेत्र में प्रचार प्रसार शुरू कर दिया था। हालांकि अब बताया जा रहा है कि पार्टी नेताओं के दबाव में आकर उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला लिया है।

यह भी पढ़ें: खून में कांग्रेस, नाम में यादव, अलगाववादी ताकतों को मुंह की खानी पड़ेगी: अरुण यादव

अरुण यादव के कदम खींचने के बाद अब कांग्रेस उम्मीदवार कौन होगा इसपर सस्पेंस बरकरार है। प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि एक दो दिनों में उम्मीदवारों की लिस्ट जारी हो जाएगी। माना जा रहा है कि निर्दलीय विधायक शेरा की पत्नी को खंडवा से टिकट मिल सकता है। शेरा मीडिया से कह भी चुके हैं कि आप देखते रहिए अंत में हमारी दावेदारी पर ही मुहर लगेगी। जानकारों के मुताबिक अरुण यादव का चुनाव न लड़ना बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।