कोलार बना भोपाल का कोरोना हॉटस्पाट, इलाक़े में 9 अप्रैल की शाम से 19 अप्रैल तक टोटल लॉकडाउन
भोपाल के कोरोना संक्रमितों में 40 फीसदी कोलार से मिले हैं, प्रशासन ने कोलार को बनाया बड़ा कंटेंटमेंट जोन, 2 लाख की आबादी के आवागमन पर रोक, मेडिकल को छोड़ सब होगा बंद

भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। राजधानी भोपाल का कोलार इलाका इसका हॉट स्पॉट बना हुआ है। कोलार क्षेत्र में 9 दिनों के लिए टोटल लॉकडाउन लगा दिया गया है। इस बात की जानकारी भोपाल के कलेक्टर अविनाश लवानिया और डीआईजी इरशाद वली ने मीडिया को दी है। आवश्यक सेवाओं को छोड़ कर सभी गतिविधियां बंद रहेंगी। कोलार के वॉर्ड नंबर 80, 81, 82, 83, 84, 52, 53 को मिलाकर बड़ा कंटेनमेंट जोन बनाया गया है।
दरअसल भोपाल की करीब 9 प्रतिशत आबादी कोलार इलाके में रहती है। इस इलाके से रोजाना करीब 40 प्रतिशत कोरोना मरीज मिल रहे हैं। कोलार इलाके में लॉकडाउन से करीब दो लाख की आबादी प्रभावित होगी। इस नौ दिवसीय लॉकडाउन में केवल मेडिकल दुकाने खोलने की परमीशन है। मेडिकल इमरजेंसी में ही आवागमन किया जा सकेगा। कालोनियों में ठेलों से सब्जी सप्लाई होगी। वहीं प्राइवेट नौकरी करने वालों को भी आने-जाने की इजाजत नहीं होगी।
शहर के सभी कोचिंग संस्थानों को 15 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। हमीदिया अस्पताल में बेड्स की संख्या 500 से बढ़ाकर 800 की जा रही है। बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या के चलते दो और निजी अस्पतालों पीपल्स हॉस्पिटल और जेके हॉस्पिटल को कोविड अस्पताल बनाया गया है।
भोपाल में कोविड संक्रमण की दर 20 प्रतिशत को पार कर पहुंच चुकी है। इसके चलते यह फैसला लिया जा रहा है। भोपाल की दो लाख से ज्यादा की आबादी के कोलार के तीन क्षेत्रों को इस दायरे में लिया गया है। इसके अलावा 15 दिनों के लिए कोचिंग संस्थान बंद करने का निर्णय लिया गया है।
शिवराज सिंह सरकार ने प्रदेश से सभी शहरी क्षेत्रों में शनिवार और रविवार के लॉकडाउन की घोषणा की है। सभी शहरों में शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन रहेगा। सरकारी दफ्तरों को भी तीन महीने के लिए शनिवार और रविवार बंद रखा जाएगा और नाइट कर्फ्यू भी जारी रहेगा।