बीजेपी नेता पर नाबालिग छात्रा से बलात्कार का आरोप, नौकरी का झांसा देकर दो महीने तक करता रहा दुष्कर्म

होशंगाबाद का मामला, बीजेपी के खेल प्रकोष्ठ के पूर्व जिला संयोजक संजीव मिश्रा पर लगा छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, बीजेपी नेता की गिरफ्तारी का किया जा रहा है दावा

Updated: Aug 30, 2021, 07:49 PM IST

बीजेपी नेता पर नाबालिग छात्रा से बलात्कार का आरोप, नौकरी का झांसा देकर दो महीने तक करता रहा दुष्कर्म

होशंगाबाद। बीजेपी नेता, संजीव मिश्रा पर एक नाबालिग छात्रा से बलात्कार का आरोप लगा है। बीजेपी नेता पर आरोप है कि उसने नाबालिग लड़की को नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो महीने तक दुष्कर्म किया। रविवार को छात्रा ने बीजेपी नेता के खिलाफ होशंगाबाद कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करायी है। 

बलात्कार का आरोपी संजीव मिश्रा, बीजेपी के खेल प्रकोष्ठ का ज़िला संयोजक रह चुका है। होशंगाबाद में अपनी नानी के घर रहने वाली 17 वर्षीय छात्रा ने बीजेपी नेता के खिलाफ शिकायत में उसने नौकरी का झांसा देकर शोषण करने का आरोप लगाया है। दर्ज शिकायत में सिवनी मालवा की इस छात्रा ने अपनी आपबीती सुनायी है। लड़की का आरोप है कि संजीव मिश्रा उसे दो महीने से घुमा रहा था, नौकरी तो नहीं दिलाया अलबत्ता उसका यौन शोषण जरूर किया। इससे दुखी होकर वो खुद कोतवाली थाने पहुंच गयी शिकायत लिखवाने।

संजीव मिश्रा पहले भी विवादों में रह चुका है। उसके खिलाफ श्री वेलफेयर सोसायटी के तहत गरबा कराने के लिए जबरन चंदा वसूली का आरोप लगा था। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था और एक शराब व्यापारी से उसके झगड़े की शिकायत पुलिस तक भी पहुंची थी। इसी दौरान वह नाबालिग के संपर्क में आया था।  

पुलिस ने नाबालिग की शिकायत के बाद भाजपा नेता के खिलाफ बलात्कार और पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। संजीव मिश्रा को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। पुलिस ने उसे देहात थाने में रखा है और मीडिया से दूर रखने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान कोतवाली थाने के दो पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। 

बीती रात शहर में काफी हलचल रही। मिश्रा को बचाने और गिरफ्तार कराने दोनों के लिए ही राजनीतिक दबाव की खबरें हैं। मिश्रा दो साल पहले भाजपा के खेल प्रकोष्ठ का संयोजक बनाया गया था, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उसने इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा कब हुआ इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं है। वह भाजपा के सभी कार्यक्रमों में बढ़चढ़कर हिस्सा लेता था, लेकिन वह पार्टी कह रही है कि वो किसी पद पर नहीं था। बहरहाल संजीव मिश्रा की इस गिरफ्तारी पर पूरे प्रदेश में सोमवार को राजनीतिक हलचल जोरों पर रही।