बीजेपी विधायक अजय विश्नोई और सरकार के बीच वीडियो कांफ्रेंस में तीखी बहस, कोरोना के सरकारी आंकड़ों पर उठाए सवाल

शनिवार को कोरोना के आंकड़ों को लेकर एक बैठक हो रही थी, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान, खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी विधायक अजय विश्नोई मौजूद थे, अजय विश्नोई ने स्वास्थ्य विभाग पर कोरोना के फर्जी आंकड़े दिखाने का आरोप लगाया

Updated: Apr 11, 2021, 09:44 AM IST

बीजेपी विधायक अजय विश्नोई और सरकार के बीच वीडियो कांफ्रेंस में तीखी बहस, कोरोना के सरकारी आंकड़ों पर उठाए सवाल

भोपाल। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए जा रहे कोरोना के आंकड़ों पर अब खुद बीजेपी के ही वरिष्ठ नेताओं ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पाटन के विधायक और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अजय विश्नोई ने प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए जा रहे कोरोना के आंकड़ों को लेकर विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान को खूब खरी खोटी सुनाई। विश्नोई ने कहा कि जब सुलेमान की यह रिपोर्ट सही है तो फिर चिंता की बात ही क्या है? 

बीजेपी नेता ने कहा कि सरकारी आंकड़ों के इतर ज़मीन पर हालात बिल्कुल अलग हैं। अजय विश्नोई ने अपने शहर जबलपुर का उदाहरण देते हुए बताया कि शुक्रवार को जबलपुर में कोरोना के कारण 15 लोगों की मौत हुई। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के मुताबिक शहर में महज़ दो लोगों की मौत ही कोरोना के कारण हुई। विश्नोई ने आगे कहा कि रोज़ाना जबलपुर में कोरोना के 600 से ज़्यादा मामले सामने आ रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में इसकी आधी संख्या का ज़िक्र किया जा रहा है।

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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान विश्नोई ने तंज भरे लहजे में कहा कि जब स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट ही सही है तो फिर चिंता की कोई बात ही नहीं है। विश्नोई ने कहा कि जब सरकार ही वास्तविक स्थिति नहीं बताएगी, तब न तो लोग डरेंगे और न ही सावधान होंगे। विश्नोई ने रेमडेसिविर की कालाबाजारी को लेकर भी सवाल खड़े किए। 

विश्नोई की खरी खोटी के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वास्थ्य विभाग और अपर मुख्य सचिव के बचाव में उतर गए। मुख्यमंत्री ने बचाव करते हुए कहा कि यदि ऐसे ही एक एक उदाहरण पर हम बात करेंगे तो सभी 52 ज़िलों के हालात पर कैसे चर्चा होगी? सीएम के इतना कहना पर विश्नोई और बिफर गए। विश्नोई ने कहा कि ठीक है तो चुप हो जाते हैं। जब बात सुननी ही नहीं थी तो हमें यहां क्यों बुलाया गया।