MP Farmers Suicide: छिंदवाड़ा में भी किसान आत्महत्या, पांच दिनों में छठा मामला

Kamal Nath: मुख्यमंत्री का बाढ़ पर्यटन, झूठे भाषण जारी, प्रभावितों को अब तक राहत नहीं, सरकार आखिर कब सच्चाई स्वीकारेगी

Updated: Sep 06, 2020 06:08 PM IST

MP Farmers Suicide: छिंदवाड़ा में भी किसान आत्महत्या, पांच दिनों में छठा मामला
Photo Courtsey: Patrika

छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश में फसल खराब होने और सरकारी मुआवजा न मिलने के कारण किसानों के आत्महत्या निरंतर जारी है। हालिया मामला छिंदवाड़ा जिले का है जहां एक किसान ने फसल बर्बाद होने की वजह से आत्महत्या कर ली है। प्रदेश में बीते पांच दिनों में किसानों द्वारा आत्महत्या करने का यह छठा मामला है।

छिंदवाड़ा के किसान द्वारा आत्महत्या का मामला प्रकाश में आने के बाद पीसीसी चीफ कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा है कि प्रदेश में अतिवर्षा व बाढ़ से फ़सल ख़राब होने से किसानों की आत्महत्या का दौर निरंतर जारी। सीहोर, निवाड़ी, विदिशा के बाद अब छिंदवाड़ा में भी एक किसान ने फ़सल ख़राब होने पर, मुआवज़े के अभाव में आत्महत्या कर ली है।

सच्चाई कब स्वीकारेगी सरकार ?

कांग्रेस अध्यक्ष  कमल नाथ ने शिवराज सरकार पर किसानों को मुआवजा न देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, 'सरकार की तरफ़ से फ़सल ख़राब होने पर अभी तक कोई मुआवज़ा प्रदान नहीं, कोई राहत नहीं, मुख्यमंत्री का बाढ़ पर्यटन जारी, झूठे भाषण, झूठी घोषणाएँ जारी, प्रभावितों को अभी तक कुछ राहत नहीं। सीहोर के मृतक किसान को तो पूरी सरकार मानसिक रोगी बताने में लगी रही, अब इन अन्य मृत किसानों की मौत को लेकर सरकार क्या कहेगी? आख़िर कब सच्चाई स्वीकारेगी?'

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पांच दिनों में छठा मामला

बता दें कि मध्यप्रदेश में पिछले पांच दिनों के दौरान यह छठा मामला है जब कर्ज के बोझ तले दबे किसान ने फसल बर्बाद होने के बाद मुआवजे के अभाव में आत्महत्या किया है। इसके पहले सीएम शिवराज के गृह क्षेत्र सीहोर में तीन किसानों ने आत्महत्या की वहीं सीएम का दूसरा घर कहा जाने वाला विदिशा में एक किसान ने आत्महत्या किया। इसके अलावा शुक्रवार को निवाड़ी के एक किसान ने आत्महत्या की है।