कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सिंधिया को मिले थे महज़ 18 वोट, कांग्रेस ने किया खुलासा

सिंधिया समर्थक सुरेश धाकड़ के बयान पर कांग्रेस ने बोला चौतरफा हमला, सिंधिया को बताया कुर्सी प्रेमी, सुरेश धाकड़ ने कहा था, कुर्सी महाराज के साथ साथ चलती है

Publish: Aug 17, 2021, 05:42 PM IST

कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सिंधिया को मिले थे महज़ 18 वोट, कांग्रेस ने किया खुलासा

भोपाल। सिंधिया समर्थक विधायक और शिवराज सरकार में मंंत्री सुरेश धाकड़ के विवादित बयान पर कांग्रेस ने सिंधिया समर्थक विधायक और खुद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर चौतरफा हमला बोल दिया है। सुरेश धाकड़ के बयान को आधार बनाकर कांग्रेस ने सिंधिया को कुर्सी प्रेमी करार दिया है। इसके साथ ही  सिंधिया की आलोचना करते हुए कांग्रेस की तरफ से एक नया खुलासा किया गया है कि 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के पक्ष में जनादेश आने के बाद सिंधिया को विधायक दल की बैठक में महज़ 18 वोट ही मिले थे। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद अब तक यही तथ्य सार्वजनिक तौर पर सामने आया था कि सिंधिया को उपमुख्यमंत्री बनने का ऑफर कांग्रेस पार्टी ने दिया था। लेकिन विधायक दल की बैठक को लेकर यह खुलासा पहली बार हुआ है। 

विधायक दल की बैठक में क्यों मिले सिर्फ 18 वोट 

यह खुलासा कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने किया है। केके मिश्रा ने अपना एक बयान जारी करते हुए कहा है कि जिन सिंधिया जी ने मुख्यमंत्री न बन पाने के कारण अपनी मां कांग्रेस पार्टी को धोखा दिया। 18 विधायकों के भविष्य के आगे प्रश्न चिन्ह लगा दिया। इनमें से कई निपट गए। अब इनका भविष्य क्या है? और अगर सिंधिया खुद इतने बड़े नेता हैं और इनके पीछे कुर्सी घुमती है तो जब उन्हें मुख्यमंत्री बनना था तो कांग्रेस की विधायक दल की बैठक मेंं इन्हें सिर्फ 18 वोट क्यों मिले? 

केके मिश्रा ने कहा कि सिंधिया को विधायक दल की बैठक में उन्हीं लोगों के वोट मिले थे जिनके साथ वे भागे थे। केके मिश्रा ने सुरेश धाकड़ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक मंत्री का यह कहना कि मैं सिंधिया जी का नौकर हूं,मंत्री तो सरकार होती है। तो क्या पूरी सरकार सिंधिया जी की नौकर है? मुख्यमंत्री जी को ऐसे मंत्री को तत्काल प्रभाव से हटा देना चाहिए। उन्होंने पूरी सरकार को सिंधिया जी का नौकर बता दिया है। और उसी सरकार में शिवराज सिंह जी भी शामिल हैं। यह तो मुख्यमंत्री जी को भी चुनौती है। 

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दरअसल सिंधिया के साथ पाला बदलकर कांग्रेस पार्टी को दगा देने वाले सुरेश धाकड़ का एक बयान इस समय मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसमें  सुरेश धाकड़ ने खुद को सिंधिया के नौकर और चपरासी की संज्ञा देते हुए कहा था कि सिंंधिया जी कुर्सी के साथ नहीं चलते बल्कि कुर्सी सिंधिया जी के साथ चलती है। सिंधिया समर्थक नेता के इस बयान को ही आधार बनाकर कांग्रेस सिंधिया पर निशाना साध रही है कि सिंधिया को सिर्फ कुर्सी का ही मोह रहा है।

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कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने भी सुरेश धाकड़ के बयान पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि सिंधिया को कुर्सी का मोह कितना है, यह सबको पता है। इसीलिए सिंधिया कुर्सी के लिए हर समझौते करने के लिए तैयार हो जाते हैं। सलूजा ने शिवराज सरकार के मंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अब एक प्रदेश के मंत्री सुरेश धाकड ख़ुद को सिंधिया जी का नौकर बता रहे है , कह रहे है कि कुर्सी सिंधिया के साथ चलती है ?इसके पहले एक मंत्री कहती थी कि सिंधिया जी कहे तो मै कुएँ में कूद जाऊँ ,लेकिन कुएँ का पानी ही सुख गया ?अब इनकी नौकरी कितने दिन चलती है,देखते है ? सलूजा ने आगे कहा कि यह भी सही है कि सिंधिया जी कुर्सी साथ लेकर चलते है , कुर्सी के बग़ैर वो रह नही पाते है , उनका कुर्सी मोह सभी को पता है , कुर्सी के लिये वो हर समझौते को तैयार रहते हैं?