पहले दिन मध्य प्रदेश में 15 हज़ार लोगों को लगेगा टीका, सबसे ज़्यादा एक हजार टीके भोपाल में लगेंगे

टीकाकरण के इस अभियान में सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग के सफाई कर्मचारियों को लगाया जाना है टीका

Updated: Jan 16, 2021, 10:24 AM IST

पहले दिन मध्य प्रदेश में 15 हज़ार लोगों को लगेगा टीका, सबसे ज़्यादा एक हजार टीके भोपाल में लगेंगे
Photo Courtesy: Business Standard

भोपाल। देश भर में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान की शुरुआत के पहले दिन आज मध्य प्रदेश में कुल 150 सेंटर बनाए गए हैं। हर सेंटर पर 100 फ्रंटलाइन वर्कर्स के टीकाकरण का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। राज्य में टीकाकरण के पहले चरण में कुल चार लाख 17 हजार स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और  अस्पतालों में तैनात फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगाया जाना है। इनमें से करीब 15 हज़ार लोगों को आज ही टीका लगाया जाएगा। सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक गर्भवती महिलाओं और 18 साल से कम की आयु के बच्चों का फिलहाल टीका नहीं लगाया जाना है।

मध्य प्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन तीन फ़ेज़ में होगा। सबसे पहले हेल्थ केयर वर्कर्स और अस्पतालों के कर्मचारियों को टीका लगेगा। उसके बाद फ्रंट लाइन वर्कर्स, जैसे पुलिस एवं डिफेंस कर्मचारी, राजस्व कर्मचारी, नगर निकायों के कर्मचारियों को वैक्सीन दी जाएगी। तीसरे चरण में 50 वर्ष से ज़्यादा उम्र के लोगों को टीका लगाया जाएगा। इसके अलावा 50 साल से कम उम्र के उन लोगों भी तीसरे चरण में टीका लगाया जाएगा, जो किसी और गंभीर बीमारी की वजह से ज़्यादा जोखिम वाली कैटेगरी में आते हैं।

प्रदेश में पहला टीका भोपाल के जेपी अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड हरिदेव को लगाया जाना है। वहीं इंदौर में सबसे पहला टीका आशा पवार को लगाया जाना है। वे सफाई कर्मचारी हैं। मध्य प्रदेश में टीकाकरण अभियान से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग से वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिए अभियान की तैयारी के बारे में चर्चा की।

मध्य प्रदेश को अब तक कोविशील्ड वैक्सीन के पांच लाख छह हजार 500 डोज़ मिल चुके हैं। यह वैक्सीन सभी जिलों को ज़रूरत के हिसाब से भेजी गई है। हर टीकाकरण केंद्र पर 3 कमरों की व्यवस्था की गई है, जिनमें वेटिंग हॉल, वैक्सीनेशन का कमरा और ऑब्जर्वेशन कमरा शामिल है। इसके अलावा हर केंद्र पर पीने के पानी,  शौचालय और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था भी की गई है।