ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पुजारी परिवार को किया था मंदिर से बाहर, लेकिन कोर्ट ने वापस दाखिल कराया

कोर्ट के आदेश के बाद पुजारी परिवार ने मंदिर में की पूजा अर्चना, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 6 पुश्तों से मंदिर की सेवा करने वाले परिवार को निकलवाया था बाहर

Updated: Dec 16, 2020, 08:45 PM IST

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पुजारी परिवार को किया था मंदिर से बाहर, लेकिन कोर्ट ने वापस दाखिल कराया

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जिस पुजारी परिवार को भूतेश्वर मंदिर से बाहर करवाया था, कोर्ट ने उन्हें मंदिर में रहने की अनुमति दे दी है। ग्वालियर हाईकोर्ट के इस फैसले को सिंधिया के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कोर्ट के इस निर्णय के बाद करीब 150 वर्षों से भूतेश्वर नाथ के सेवा में लगे पुजारी परिवार में हर्ष का माहौल है। 

न्यायालय से मंदिर में वापस जाने का आदेश मिलने के बाद मुख्य पुजारी अमन शर्मा ने एक महीने बाद भगवान भोलेनाथ का धूम-धाम से अभिषेक किया। इस दौरान आसपास के क्षेत्र की बड़ी संख्या में जनता व भक्त जनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पुजारी अमन शर्मा ने अभिषेक के बाद मीडिया से कहा कि उनकी 6 पीढ़ियां मंदिर की पूजा अर्चना और भगवान भूतेश्वर की सेवा में लगी रही हैं। इसके पहले कभी ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई थी। लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बदले की भावना से हमें जबरन मंदिर से बाहर करा दिया था। हमें न्यायालय और भगवान भूतेश्वर पर पूरा भरोसा है।

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दरअसल, पिछले महीने ग्वालियर शहर के प्राचीन भूतेश्वर मंदिर की पिछले 150 वर्षों से सेवा करने वाले पुजारी परिवार को वहां से भगा दिया गया था। जिला प्रशासन ने मंदिर प्रांगण में बने दो कमरों में रहने वाले पुजारी परिवार को जबरन वहां से बाहर कर दिया था। पुजारी परिवार का घर से निकाले जाने के बाद का एक मार्मिक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें घर से बेघर किए जाने के बाद परिवार की महिलाएं अपना बिखरा समान बटोरते हुए बुरी तरह से रो रही थीं।

घर से निकाले जाने के बाद पुजारी परिवार की महिलाएं काफी देर तक देहरी पर बैठकर विलाप करती रहीं लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी थी। इसके बाद पिछले एक महीने से कड़कड़ाती ठंढ में यह परिवार मंदिर परिसर में खुले में न्याय की उम्मीद में बैठा रहा था। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने नाराजगी जाहिर करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया, सीएम शिवराज और जिला प्रशासन से कहा था कि वे पुजारी परिवार के साथ ऐसा अन्याय न करें।

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पुजारी का आरोप था कि यह कार्रवाई सिंधिया के इशारे पर हुई है। उनका यह भी दावा था कि पूरी कार्रवाई अचानक की गई, जबकि वे कब्जे को लेकर कोर्ट से केस भी जीत चुके हैं। मंदिर के पुजारी अमन शर्मा ने मीडिया से कहा है कि साल 2010 में पिता शंभूनाथ शर्मा की मृत्यु के बाद उन्हें पुजारी का जिम्मा मिला। सिंधिया की राजशाही के ज़माने से यह दर्जा उनके परिवार को मिला हुआ है। लेकिन प्रशासन ने सिंधिया के इशारे पर जानबूझकर उन्हें बाहर निकलवाया।

पुजारी परिवार ने पूर्व में सिंधिया पर लगाया था सनसनीखेज आरोप

बता दें कि कुछ महीने पहले इस पुजारी परिवार ने राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर बड़ा आरोप लगाया था। परिवार की बहू चंद्रवती शर्मा ने मीडिया से कहा था कि सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके मंदिर की ज़मीन पर कब्जा करने और उसे बेचने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि सिंधिया ट्रस्ट ने फर्जी तरीके से पहले भी जमीनें बेची हैं और अब मंदिर की 19 बीघा जमीन को बेचने की तैयारी हो रही है।