दमोह: सरकार ने रखा मुक्त तो जनता ने लगाया स्वघोषित लॉकडाउन

दमोह के हटा ब्लॉक के हिनोता क़स्बे के लोगों ने बढ़ते कोरोना के मामले को देखते हुए स्वघोषित दो दिन का लॉकडाउन लगाने का फ़ैसला किया है।

Updated: Apr 12, 2021, 04:26 PM IST

दमोह: सरकार ने रखा मुक्त तो जनता ने लगाया स्वघोषित लॉकडाउन
Photo courtesy: zee news

भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है। ऐसे में सरकार दमोह को छोड़ कर अन्य ज़िलों में वीकेंड लॉकडाउन लगा दिया है। दमोह के हटा ब्लॉक के हिनोता क़स्बे के लोगों ने बढ़ते कोरोना के मामले को देखते हुए स्वघोषित दो दिन का लॉकडाउन लगाने का फ़ैसला किया है। लॉकडाउन के दौरान हिनोता के  बाज़ार ,दुकान पूरी तरह से बंद रहेंगे।

दमोह में 17 अप्रैल को उपचुनाव होने हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले ही कहा है कि दमोह में चुनाव को देखते हुए यह फैसला निर्वाचन आयोग के हाथ मे है। इस लिए 60 घंटे के कर्फ़्यू से दमोह को मुक्त रखा गया है। लेक़िन हिनोता क़स्बे के लोगों ने बढ़ते कोरोना के केस को ध्यान में रखते हुए दो दिन का स्वघोषित लॉकडाउन रखा। हिनोता के लोगो ने कहा ज़रूरत समझ आने पर लॉक डाउन की अवधि बढ़ाई जा सकती है। हिनोता क़स्बे के लोगो की पहल को देखते हुए दमोह के कई गांव,क़स्बे के लोगों ने भी स्वघोषित लॉक डाउन लगाने की बात कही है।

लोगों का कहना है कि जिस तरह से संक्रमण फैल रहा है, उससे वो चिंतित हैं और सिर्फ उनके कस्बे में ही कई लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। वहीं कुछ मरीजों की मौत भी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे में उनके पास लॉकडाउन ही एक विकल्प था लिहाजा उन्होंने ये कदम स्वेच्छा से उठाया है।

दमोह में 17 अप्रैल को विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान होना हैं। दमोह में रोजाना औसतन 30 कोरोना केस आ रहे हैं। यहां अब तक 98 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। यह प्रदेश में मौत के मामले में नौवें नंबर पर है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक दमोह में कुल एक्टिव केस 3538 हैं। पिछले 24 घंटे में दमोह में 33 नए कोरोना संक्रमित केस मिले हैं।