Digvijaya Singh: बिना मुहूर्त शिलान्यास धार्मिक भावना से खिलवाड़

Shri Ram Mandir: राम भरोसे ही चल रहा पूरा देश, इसलिए हम सबकी आकांक्षा जल्द बने भव्य राम मंदिर

Updated: Aug 03, 2020 03:36 PM IST

Digvijaya Singh: बिना मुहूर्त शिलान्यास धार्मिक भावना से खिलवाड़

भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने दोहराया है कि राम मंदिर निर्माण के भूमिपूजन का तय मुहूर्त सही नहीं है, ऐसे में उस दिन राम मंदिर का भूमिपूजन नहीं होना चाहिए।

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण भूमिपूजन की तारीख 5 अगस्त तय की गई है। लेकिन कुछ संतों का भी मानना है कि राम मंदिर निर्माण के शुभारंभ का मुहूर्त सही नहीं है। संत भाद्रपद माह की पांच तारीख को अशुभ मान रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया है कि हमारी आस्था के केंद्र भगवान राम ही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र की मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि आज समूचा देश भी राम भरोसे ही चल रहा है।इसलिए हम सबकी आकांक्षा है कि अयोध्या में जल्द ही राम मंदिर बने और राम लला वहां विराजें। 

उन्होंने कहा है कि इस देश में 90 प्रतिशत से भी ज़्यादा हिन्दू ऐसे हैं जो मुहूर्त, ग्रह दिशा, ज्योतिष, चौघड़िया आदि धार्मिक विज्ञान को मानते हैं।मैं इस बात पर तटस्थ हूं कि 5 अगस्त को शिलान्यास का कोई मुहूर्त नहीं है। जो कि धार्मिक भावनाओं के साथ सीधा सीधा खिलवाड़ है।' 

 

राजीव गांधी जिंदा रहते तो राम मंदिर बन जाता 

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी राम मंदिर बनाना चाहते थे। अपने कथन को सत्यापित करने के लिए दिग्विजय सिंह ने बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी के भाषणों को साझा किया है। जिसमें स्वामी यह कहते हुए दिखाई पड़ रहे हैं कि दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी अयोध्या में राम मंदिर बनाना चाहते थे। उन्होंने विश्व हिन्दू परिषद को राम मंदिर के शिलान्यास के लिए भी अनुमति दे दी थी। 

बीजेपी नेता स्वामी यह कहते दिखाई पड़ रहे हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी देश में राम राज्य लाना चाहते थे। इसके लिए सुब्रमणियम स्वामी ने 1989 के लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान का उल्लेख किया है। जब राजीव गांधी ने प्रचार अभियान की शुरुआत फैजाबाद (अब अयोध्या) से की थी। स्वामी वीडियो में यह कहते हुए नज़र आ रहे हैं कि राजीव गांधी ने उस भाषण में राम राज्य लाने की बात की थी। स्वामी ने कहा कि अगर राजीव गांधी ज़िंदा रहते तो निश्चित ही राम मंदिर का निर्माण हो जाता। ज्ञात हो कि 21 मई, 1991 को चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर में राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 3 नवंबर 1989 को लोकसभा चुनावों के प्रचार अभियान की शुरुआत फैज़ाबाद से की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि ' आप हमें वोट दीजिए, हम राम राज्य वापस लाएंगे। मुझे भी हिन्दू होने पर गर्व है।' दरअसल पहले इस चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत राजीव गांधी राजस्थान के नागौर से पंचायती राज का नारा लेकर करने वाले थे। लेकिन भाषण और शहर की जगह एकदम आखिरी समय पर बदल दिए गए थे। राजीव गांधी का फैज़ाबाद की रैली में भाषण लिखने वाले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने एक साक्षात्कार के दौरान बताया था कि आखिरी समय पर यह फैसला किया गया था कि राजीव गांधी नागौर की जगह फैज़ाबाद से चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे।