Digvijaya Singh: मध्य प्रदेश में हो रही माहौल बिगाड़ने की कोशिश, हिंसक घटनाओं की निष्पक्ष जाँच ज़रूरी

इंदौर, मंदसौर और उज्जैन में हिंसा की घटनाओं और प्रशासन की इकतरफ़ा कार्रवाई पर बरसे दिग्विजय सिंह, कहा, जो पीड़ित हैं उन्हीं के ख़िलाफ़ मुक़दमे दर्ज करना कहां का इंसाफ़ है

Updated: Jan 09, 2021, 12:29 AM IST

Digvijaya Singh: मध्य प्रदेश में हो रही माहौल बिगाड़ने की कोशिश, हिंसक घटनाओं की निष्पक्ष जाँच ज़रूरी
Photo Courtesy : The Statesman

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि कुछ लोग प्रदेश में हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इन कोशिशों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मंदसौर, इंदौर और उज्जैन में हुई हिंसा की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इस हिंसा और उसके बाद प्रशासन द्वारा की गई इकतरफा कार्रवाई की निष्पक्ष जांच करके दोषियों को सज़ा दी जानी चाहिए। दिग्विजय सिंह ने आज इस सिलसिले में राज्य के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और डीजीपी विवेक जौहरी को एक ज्ञापन भी दिया। इस दौरान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद भी उनके साथ मौजूद रहे।

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, 'ये अजीब सी घटना है, जिनके घर जलाए जा रहे हैं, जिनके ट्रैक्टर और गाड़ियां तोड़ी जा रही हैं, जिनको गोली मारी जा रही है, उनके खिलाफ ही मुकदमा दायर हो रहा है? यह कौन सा न्याय है? वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐसे रिटायर्ड चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी जिनकी निष्पक्षता प्रमाणित हो, ऐसे लोगों को इन तीनों घटनाओं की जांच करने देना चाहिए। जिन ज़िलों में यह घटना हुई है, वहां के कलेक्टर और एसपी को तत्काल हटा कर अन्य लोगों को पोस्ट किया जाना चाहिए।

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दिग्विजय सिंह ने राज्य के मंदसौर, इंदौर और उज्जैन में राम मंदिर के लिए चंदा जुटाने के नाम पर निकाली गई रैलियों के दौरान हुई हिंसक झड़पों और उसके बाद पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर उठे सवालों पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि इन सभी मामलों की गहराई से जांच होनी चाहिए। जो भी प्रशासनिक अधिकारी ज़िम्मेदार पाए जाएं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

मैं बीजेपी नेताओं से बेहतर हिन्दू हूँ : दिग्विजय सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि 'मैं एक हिन्दू हूँ, एक प्रैक्टिसिंग हिन्दू हूं। और बड़े दावे के साथ कह सकता हूँ कि भाजपा के जितने भी बड़े नेता हैं, उनसे बेहतर हिन्दू हूँ। सनातन धर्म सर्वधर्म समभाव में विश्वास रखता है। वसुधैव कुटुम्बकम में विश्वास रखता है। ये कौन लोग हैं जो हिन्दू मुस्लिम की एकता को बिगाड़ना चाहते हैं इस देश में ? जो स्वामी विवेकानंद की भावना को बिगाड़ना चाहते हैं ?'

दिग्विजय सिंह ने कहा, "मैं इसका विरोध करता हूं और करता रहूंगा। अगर सरकार नहीं मानेगी, तो मुझे जो कार्रवाई करनी होगी मैं करूंगा। मैं डरने वालों में से नहीं हूँ। हिन्दू-मुस्लिम एकता इस देश की बुनियाद है। इस देश की आज़ादी की लड़ाई हिन्दू और मुसलमानों ने मिलकर लड़ी थी। दिग्विजय सिंह ने बीजेपी और आरएसएस पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने कभी आज़ादी की लड़ाई में भाग तक नहीं लिया था, वो आज इस देश का माहौल बिगाड़ने चले हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि हम उन्हें कामयाब नहीं होने देंगे।"

दरअसल हाल ही में मध्यप्रदेश के इंदौर, मंदसौर और उज्जैन में राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा रैली निकाली जा रही थी। इसी दौरान इन तीनों जगह पर हिंसक झड़पें हुईं। आरोप है कि इसके बाद पुलिस-प्रशासन ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए कई मुसलामानों के घरों को तोड़ दिया। इंदौर के चांदनखेड़ी में तो एक साथ 15 लोगों के घर ढहा दिए गए। दिग्विजय सिंह ने आज इन्हीं मामलों में प्रशासन के पक्षपातपूर्ण रवैये पर गंभीर सवाल उठाते हुए डीजीपी और मुख्य सचिव को ज्ञापन दिया है।