MP By Elections 2020: कैलाश विजयवर्गीय से चुनाव आयोग ने 48 घंटे में मांगा जवाब, कमलनाथ को भी दी नसीहत

इंदौर के सांवेर में 14 अक्टूबर को दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के खिलाफ कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी को चुनाव आयोग ने पहली नज़र में आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाला पाया है

Updated: Oct 27, 2020, 10:10 AM IST

MP By Elections 2020: कैलाश विजयवर्गीय से चुनाव आयोग ने 48 घंटे में मांगा जवाब, कमलनाथ को भी दी नसीहत
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भोपाल। चुनाव आयोग ने बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय को को कांग्रेस नेताओं दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के खिलाफ उनकी  'चुन्नू-मुन्नू' वाली टिप्पणी के लिए नोटिस जारी किया है। विजयवर्गीय को दिग्विजय सिंह और कमल नाथ को लेकर दिए गए बयान पर 48 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए कहा है। नोटिस के अनुसार, इंदौर के सांवेर में 14 अक्टूबर को एक चुनावी सभा में दोनों कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दिया गया बयान आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाला पाया गया है।

चुनाव आयोग ने कैलाश विजयवर्गीय को भेजे नोटिस में साफ किया है कि वे अगर निर्धारित अवधि में अपने बयान पर जवाब नहीं देते हैं तो आयोग बिना सूचना दिए उन पर कार्रवाई करेगा। चुनाव आयोग का यह नोटिस मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त रिपोर्ट पर आधारित है। नोटिस में कहा गया, 'आयोग आपको उक्त कथित बयान पर नोटिस प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर आपका रुख स्पष्ट करने के लिए अवसर प्रदान करता है। ऐसा नहीं होने पर भारत निर्वाचन आयोग आगे आपको कोई सूचना दिये बिना निर्णय लेगा।'  

चुनाव आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी उनके विवादित बयान पर नसीहत दी है। कमलनाथ ने अपनी एक सभा में डबरा से बीजेपी प्रत्याशी इमरती देवी के लिए आइटम शब्द का उपयोग किया था, जिसके बाद चुनाव आयोग ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। कमल नाथ ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उनके बयान को बीजेपी ने अपने राजनीतिक फायदे और उपचुनाव में हार के डर से गलत रूप से पेश किया। कमल नाथ द्वारा जवाब दिए जाने के बाद चुनाव आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री को आगे सार्वजनिक तौर पर ऐसी भाषा का उपयोग न करने की नसीहत दी है।

कमलनाथ को दी गई चुनाव आयोग की हिदायत में कहा गया, 'आयोग मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सलाह देता है कि आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान सार्वजनिक बातचीत के समय उन्हें इस तरह के शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए या ऐसे बयान नहीं देना चाहिए।' मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के लिए तीन नवंबर को उपचुनाव होने हैं और प्रचार चल रहा है।