कोलार डैम के पास जंगल में लगी आग, प्रशासन ने आग बुझाने का नहीं किया प्रयास

प्रत्यक्षदर्शी का दावा है कि कोलार डैम के पास स्थित जंगल में तीन अलग अलग स्थानों पर 300 पेड़ काटे गए हैं, आग लगने के बावजूद प्रशासन ने उसे किसी भी तरह की मदद नहीं दी

Publish: Mar 25, 2021, 03:14 PM IST

कोलार डैम के पास जंगल में लगी आग, प्रशासन ने आग बुझाने का नहीं किया प्रयास

भोपाल। इस समय सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति का दावा कर रहा है कि जंगल में आग लगी हुई है लेकिन फायर ब्रिगेड के कर्मचारी आग पर काबू पाने में उसकी मदद नहीं कर रहे हैं। वीडियो में युवक बारंबार फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों से आग बुझाने के लिए कहा रहा है लेकिन फायर ब्रिगेड के कर्मचारी न तो युवक की मदद कर रहे हैं और न ही आग बुझाने में उसकी मदद कर रहे हैं। कर्मचारी युवक से कह रहे हैं कि पानी समाप्त हो गया है।  

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार रात को सामाजिक कार्यकर्ता प्रेरणा प्रसाद ने भोपाल शहर की ओर लौटते समय जंगल में आग की लपटों को देखा था। आग देखने के तुरंत बाद प्रेरणा ने पुलिस से शिकायत की। प्रेरणा ने वन विभाग के कुछ अधिकारियों को भी जंगल में लगी आग की सूचना दी। लेकिन प्रशासन ने किसी तरह की कार्यवाही को अंजाम नहीं दिया। 

अगली सुबह वीडियो में प्रशासन के रवैये की शिकायत कर रहे युवक ने कोलार डैम के पास के जंगल में लगी आग को देखा। जंगल में आग को देखते ही युवक ने फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने के लिए बुलाया। लेकिन फायर ब्रिगेड जब मौके पर पहुंची तब उसके कर्मचारियों ने युवक को दो तीन डिब्बे पानी देने के बाद आग बुझाने से इनकार कर दिया। फायर ब्रिगेड वापस वहां से लौटने लगी।    

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इस पर युवक ने फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के इस रवैये पर भड़ास निकालते हुए कहा कि जा कहाँ रहे हो? काम नहीं करोगे? जब आग ही नहीं बुझानी थी तो यहां क्यों आए? दो तीन डिब्बों से आग कैसे बुझेगी? वीडियो में युवक भड़के हुए अंदाज़ में कह रहा है कि अगर आप लोग आग नहीं बुझाओगे तो हम लोग खुद ही आग बुझा लेंगे। 

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जंगल में लगी आग के प्रत्यक्षदर्शी युवक का कहना है कि कोलार डैम के पास जंगल में तीन अलग अलग स्थानों पर भीषण आग लगी। यूवक के मुताबिक तीनों स्थानों पर कम से कम 300 पेड़ों को काटा गया है। युवक का यह भी कहना है कि प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी तरह की सहायता नहीं की।