पूर्व पार्षद अकबर खान की हत्यारे सिस्टम ने ली जान, हमीदिया में बिजली गुल के बाद बैक अप भी हुआ फेल

हमीदिया अस्पताल में पूर्व पार्षद अकबर खान भर्ती थे, सरकारी सिस्टम की लचर व्यवस्था के चलते अस्पताल में मरीजों को दिए जा रहे ऑक्सीजन की सप्लाई भी ठप हो गई

Updated: Dec 13, 2020, 07:05 AM IST

पूर्व पार्षद अकबर खान की हत्यारे सिस्टम ने ली जान, हमीदिया में बिजली गुल के बाद बैक अप भी हुआ फेल
Photo Courtesy: Dainik Bhaskar

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। शुक्रवार को सरकार के हत्यारे सिस्टम ने पूर्व पार्षद अकबर खान की जान ले ली। वे हमीदिया अस्पताल के कोरोना वार्ड में भर्ती थे और उन्हें ऑक्सीजन दिया जा रहा था। शुक्रवार शाम अचानक से बिजली चली गई। लेकिन अस्पताल के पास बैक अप के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी, लिहाज़ा इस लचर व्यव्स्था ने अकबर खान की जान ले ली। 

दरअसल शुक्रवार शाम करीबन 5.45 बजे हमीदिया अस्पताल की बिजली गुल हो गई। अस्पताल में इमरजेंसी बैक अप का सहारा लिया गया। लेकिन वह भी महज़ दस मिनट के भीतर ठप हो गया। बिजली के लिए अस्पताल में जेनरेटर भी खराब था। इस दौरान कोरोना वार्ड में 64 मरीज़ भर्ती थे। इनमें कुल 11 मरीज़ को आईसीयू वार्ड में रखा गया था। भर्ती मरीजों में 67 वर्षीय पूर्व पार्षद भी मौजूद थे। हाई फ्लो ऑक्सीजन सपोर्ट बंद होने से कांग्रेस नेता अकबर ख़ान के अलावा एक और मरीज़ की भी हालत खराब हो गई।

दोनों मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया, सीपीआर भी दिया गया। लेकिन रात करीबन 10.40 बजे अकबर ख़ान की मृत्यु हो गई। जबकि एक अन्य मरीज़ की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। अकबर के भाई महबूद ने मीडिया को बताया कि जेनरेटर में डीजल न होने की वजह से वो चालू नहीं हो पाया। जिस वजह से उनके पूर्व पार्षद भाई की हालत और खराब हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिजली करीबन दो घंटे गुल रही थी। अस्पताल में बिजली 7.45 बजे आई। 

यहां रेखांकित करने योग्य बात यह है कि हमीदिया में बिजली बैकअप के लिए जनरेटर लगाए गए हैं। मेन सप्लाई कट होने पर बैकअप से ऑटोमेटिक सप्लाई शुरू होने लगती है। लेकिन, शुक्रवार को यह बैकअप भी काम नहीं आया। हमीदिया प्रबंधन इसके रखरखाव और डीजल पर हर साल 10 लाख रुपए रुपए खर्च करता है। हमीदिया में जनरेटर के लिए हर दूसरे दिन 20 लीटर डीजल दिया जाता है। लेकिन शुक्रवार शाम उसमें डीजल नहीं था। आनन-फानन में डीजल मंगवाया गया, तब वह चालू हुआ। इसके बाद मैकेनिक को घर से बुलाया गया। मैकेनिक रॉयल मार्केट से पार्ट्स लेकर आया और जनरेटर सुधारा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

इस पूरे घटनाक्रम पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि हमीदिया में डीन और अधीक्षक को नोटिस दिया गया है। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर को भी नोटिस दिया गया है। सारंग ने मीडिया को जारी अपने बयान में बताया कि अस्पताल के पावर बैकअप सिस्टम का सर्टिफिकेशन करने वाले इंजीनियर को भी निलंबित किया और डॉक्टर को नोटिस दिया है।

भोपाल संभाग के कमिश्नर कवींद्र कियावत ने सरकार के आदेश पर इस पूरे मामले पर अपनी रिपोर्ट भेजी है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि हमीदिया अस्पताल के कोविड वार्ड में बिजली की सप्लाई में आई रुकावट का कोरोना पॉज़िटिव मरीजों की मौत से कोई संबंध नहीं है । बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कियावत को घटना की जांच कर फौरन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे ।