पूर्व एसडीएम निशा बांगरे का राजनीति से मोहभंग, नौकरी लौटाने के लिए सरकार से लगाई गुहार

साल 2018 बैच की प्रशासनिक अधिकारी रहीं निशा बांगरे ने विधानसभा चुनाव के पहले पद से इस्तीफा दे दिया था लेकिन टिकट नहीं मिलने के कारण वह चुनाव नहीं लड़ सकीं

Updated: Apr 11, 2024, 12:17 PM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारी रह चुकीं निशा बांगरे का राजनीति से मोह-भंग हो गया है। वह कांग्रेस छोड़कर अब सरकारी नौकरी में वापस आना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार को पत्र लिखकर गुहार लगाईं हैं। साथ ही सीएम मोहन यादव से मिलने का समय भी मांगा है।

निशा ने तीन महीने पहले मुख्य सचिव को आवेदन भेजा था। लेकिन अभी तक विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। वह छतरपुर जिले में बतौर डिप्टी कलेक्टर पोस्टेड थीं। छतरपुर जिले के लवकुश नगर में एसडीएम रहते उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी। वह बैतूल जिले की आमला सीट से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहतीं थीं। इसी वजह से उन्होंने सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। 

उनका इस्तीफा शासन की ओर से जब स्वीकार किया गया तब तक कांग्रेस ने मनोज मालवे को उम्मीदवार घोषित कर दिया था। ऐसे में वे चुनाव नहीं लड़ पाईं थीं। इस बीच 27 मार्च को मध्यप्रदेश कांग्रेस ने उन्हें पार्टी का मुख्य प्रवक्ता बना दिया। इस नियुक्ति के बाद जब उन्हें डिबेट्स में शामिल होने के लिए कहा गया तो उन्होंने 3 महीने पहले भेजा गया आवेदन बुधवार को सार्वजनिक कर दिया।

पत्र में उन्होंने लिखा है कि उन्होंने जितने समय नौकरी की, वह पूरी ईमानदारी और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए की है। मेरी सेवा अवधि में किसी प्रकार का कोई कारण बताओ नोटिस नहीं प्राप्त हुआ। न ही कोई विभागीय जांच हुई। त्याग-पत्र देने के पश्चात् दुर्भावनापूर्ण कार्यवाहियां शुरू की गई। त्याग-पत्र भी परिस्थितिवश देना पड़ा।Ñत्याग-पत्र वापस लेने का यह आवेदन सहानुभूतिपूर्वक स्वीकार किए जाने का अनुरोध है। मैं दिए गए दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण से करूंगी।