कैबिनेट बैठक में सिंचाई परियोजनाओं को बजट से ज़्यादा छूट देने पर भड़के नरोत्तम मिश्रा, बीच बैठक से उठकर चले गए गृह मंत्री

मिश्रा ने कहा कि जब कोरोना काल में अन्य विभागों के बजट में कटौती कर दी गई तब ऐसे वक्त में नर्मा घाटी विकास प्राधिकरण में के प्रोजेक्ट के लिए दस हज़ार करोड़ के टेंडर क्यों जारी किए गए?

Updated: Jun 09, 2021, 04:45 PM IST

कैबिनेट बैठक में सिंचाई परियोजनाओं को बजट से ज़्यादा छूट देने पर भड़के नरोत्तम मिश्रा, बीच बैठक से उठकर चले गए गृह मंत्री
Photo Courtesy: The Hindu

भोपाल। मध्यप्रदेश बीजेपी में सीएम शिवराज के खिलाफ पनपते बगावती सुर के दावे की आंच मंगलवार को हुई कैबिनेट में पहुंच गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अंतर्गत आने वाले नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के तहत तीन प्रोजेक्ट को लगभग दस हज़ार करोड़ के टेंडर जारी होने पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने नाराज़गी जताई। इस दौरान गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को खूब खरी खोटी सुनाई। 

लेकिन जब तुलसीराम सिलावट, अरविंद भदौरिया और भरत सिंह कुशवाह ने नरोत्तम मिश्रा का विरोध किया, तब गृह मंत्री बीच बैठक में ही उठकर चले गए। बैठक से विदाई लेते हुए नरोत्तम मिश्रा सीधे बीजेपी कार्यालय पहुंच गए। मंत्री तुलसीराम सिलावट और वीडी शर्मा भी नरोत्तम मिश्रा के पीछे पीछे बीजेपी के प्रदेश कार्यालय पहुंच गए। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर इस बात को हवा दे दी है कि मध्यप्रदेश बीजेपी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। 

यह भी पढ़ें : सीएम योगी के पूर्व मुख्य सचिव अनूप पांडेय बने चुनाव आयुक्त, UP चुनाव में होगी अहम भूमिका

कैबिनेट बैठक में क्या हुआ 

मंगलवार को कोरोना की दूसरी लहर शांत पड़ने के बाद शिवराज कैबिनेट की प्रत्यक्ष तौर पर बैठक हुई। मुख्यमंत्री समेत शिवराज सरकार के तमाम मंत्री एक छत के नीचे एकत्रित हुए। बैठक में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सिंचाई के तीन प्रोजेक्ट को बजट से ज़्यादा छूट देने का प्रस्ताव रखा गया। जिसमें 8800 करोड़ के इंदौर-सांवेर माइक्रो सिंचाई परियोजना और चिंकी बोरस परियोजना शामिल थी। इसके अलावा एक अन्य प्रोजेक्ट के लिए भी बजट में छूट देने का प्रस्ताव रखा गया था। कुल मिलकर दस हज़ार करोड़ के बजट में छूट देने का प्रस्ताव पेश किया गया था।

यह भी पढ़ें : भारी विरोध के बाद बीजेपी ने हटाई कार्यसमिति की सूची, अपने नेताओं के नाम के आगे लिख दी थी जाति

लेकिन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कोरोना काल का हवाला देते हुए ज़रूरत से ज़्यादा छूट देने का विरोध किया। गृह मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में जब अन्य विभागों में बजट में कटौती की गई है, तब ऐसी स्थिति में इन्हीं प्रोजेक्ट में क्यों छूट दी जा रही है? 

मौन रहे शिवराज 

नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में कृषि मंत्री कमल पटेल और लोकनिर्माण मंत्री गोपाल भार्गव भी दिखाई दिए। लेकिन तुलसीराम सिलावट, अरविंद भदौरिया और भरत सिंह कुशवाह ने नरोत्तम खेमे के विरोध में अपनी आवाज़ बुलंद की। इस गहमागहमी के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मौन धारण करना उचित समझा। क्योंकि यह प्रोजेक्ट नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आते हैं, जो कि खुद सीएम के जिम्मे है। तमाम वाद विवाद के बाद कैबिनेट सिंचाई परियोजना के बजट में छूट देने का प्रस्ताव पारित कर दिया। 

यह भी पढ़ें : शिवराज को खुश करने के लिए प्रशासन ने किया टीकाकरण का झूठा प्रचार, घर घर चस्पा दिया टीकाकरण का पर्चा

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को यह बात इतनी नागवार गुजरी कि वे बीच बैठक से उठकर चलते बने। नरोत्तम मिश्रा कैबिनेट से निकलकर सीधे बीजेपी कार्यालय जा पहुंचे। नरोत्तम मिश्रा के बीजेपी कार्यालय पहुंचते पहुंचते प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और तुलसीराम सिलावट भी पहुंच गए। हालांकि किसी ने मीडिया से बात नहीं की। 

यह भी पढ़ें : ढाई महीने बाद सिंधिया को आई ग्वालियर की याद, चार दिवसीय दौरे पर बुधवार को MP पहुंचेंगे सिंधिया

मिश्रा को मनाने पहुंचे शिवराज समर्थक मंत्री

इस पूरे विवाद की मंगलवार देर शाम नरोत्तम मिश्रा के आवास पर शिवराज समर्थक मंत्रियों के पहुंचने ने पुष्टि कर दी। सभी गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए पहुंचे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह विवाद अब दिल्ली में बीजेपी के आलाकमान के पास तक पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों से मीडिया में बीजेपी के एक गुट द्वारा शिवराज की घेराबंदी की भी खबरें लगातार सामने आ रही हैं। अब इस नए विवाद ने शिवराज के खिलाफ उजागर होते लगातार विरोध के दावों को और हवा दे दी है।