PEB परीक्षा में हुए फर्जीवाड़े को कमल नाथ ने बताया व्यापम पार्ट 2, सीबीआई जांच की मांग

शुक्रवार को प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यह जानकारी दी कि पीईबी की तीन परीक्षाओं को निरस्त कर दिया गया है, इन परीक्षाओं में उजागर हुए फर्जीवाड़े के बाद विवाद बढ़ गया था

Updated: Aug 28, 2021, 10:12 AM IST

PEB परीक्षा में हुए फर्जीवाड़े को कमल नाथ ने बताया व्यापम पार्ट 2, सीबीआई जांच की मांग
Photo Courtesy: Patrika

भोपाल। एमपी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड की तीन परीक्षाओं को रद्द करने का एलान हो गया है। कृषि विस्तार अधिकारी और नर्सिंग की परीक्षा में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद इन्हें रद्द करने का फैसला किया गया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने इस फर्जीवाड़े को व्यापम घोटाला करार देते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। 

पीसीसी चीफ कमल नाथ ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए कहा है कि सरकार द्वारा मध्यप्रदेश प्रोफेशनल एग्ज़ामिनेशन बोर्ड की, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी व नर्सिंग परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। इन परीक्षाओं को लेकर शुरू दिन से ही निरंतर फ़र्ज़ीवाडे की शिकायतें सामने आ रही थीं।

कमल नाथ ने आगे कहा कि ख़ुद अभ्यर्थी इसको लेकर निरंतर शिकायतें कर रहे थे। यह प्रदेश का व्यापमं पार्ट- 2 है। मैं सरकार से माँग करता हूँ कि इस पूरे फ़र्ज़ीवाडे के मामले को तत्काल सीबीआई को सौंपा जाए। सीबीआई इस पूरे मामले की जाँच करे क्योंकि इन परीक्षाओं से हज़ारों अभ्यर्थियों का भविष्य जुड़ा हुआ था और बड़े पैमाने पर इन परीक्षाओं को लेकर फ़र्ज़ीवाडा सामने आया है।

शुक्रवार को गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी और नर्सिंग की परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की। इन परीक्षाओं के आयोजन से एक दिन पहले ही इनके पेपर लीक हो गए थे। इस मामले में जांच कर रही एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की जांच में यह बात निकल कर सामने आई है कि ऑनलाइन सिस्टम को हैक कर के इन पेपर्स को लीक किया गया था।

पेपर लीक होने के बाद खुद परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने इन परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी। अभ्यर्थियों ने इसके लिए प्रदर्शन भी किए थे। जिसके बाद अब इन परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। लेकिन अब यह पेपर लीक मामला सिर्फ बोर्ड और परीक्षार्थियों तक सीमित नहीं रहा। कांग्रेस ने इसे व्यापम लीक से जोड़कर बड़ा घोटाला करार दिया है।