इंदौर में छात्रवृति की मांग कर रहे युकां कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज, डॉ भूरिया ने दी प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी

इंदौर के 14 हजार स्टूडेंट्स को पिछले दो वर्ष से नहीं मिली है छात्रवृति, छात्रों के समर्थन में शनिवार को सड़कों पर उतरी युवा कांग्रेस, विरोध को दबाने के लिए बर्बरता पर उतरी इंदौर पुलिस

Updated: Oct 15, 2022, 06:30 PM IST

इंदौर में छात्रवृति की मांग कर रहे युकां कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज, डॉ भूरिया ने दी प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी

इंदौर। मध्य प्रदेश में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ एक बार फिर पुलिसिया बर्बरता का मामला सामने आया है। शनिवार को इंदौर में छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरी युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बेरहमी से पीटा। एमपी यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ विक्रांत भूरिया ने शिवराज सरकार को कायर करार दिया है। भूरिया ने कहा कि हम लाठी-डंडों से नहीं डरते। छात्रों को शीघ्र छात्रवृति नहीं दिया गया तो युवा कांग्रेस प्रदेश भर में आंदोलन करेगी।

दरअसल, इंदौर के 14 हजार कॉलेज स्टूडेंट्स को पिछले दो साल से छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है, जिसके चलते वे पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हैं। ऐसे स्टूडेंट्स के समर्थन में शनिवार को युवक कांग्रेस उतरी। युकां ने स्टूडेंट्स की मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। युवक कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सुबह 10 बजे हरसिद्धि मंदिर के पास इकट्ठा हुए। इसके बाद उनकी रैली यहां से कलेक्टर कार्यालय के लिए निकली। 

कलेक्ट्रेट में पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी। ताकि युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध को दबाया जा सके। पुलिस ने बैरिकेड्स लगा रखे थे। युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स हटाने की कोशिश की तो पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इसके विरोध में उन्होंने अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान युवक कांग्रेस के शहर उपाध्यक्ष निखिल वर्मा ने कहा कि
2 साल से भांजे-भांजियों को स्कॉलरशिप नहीं मिल पाई है। इस वजह से स्टूडेंट्स शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। शिक्षा का मूल अधिकार छीन लिया गया है। छात्रों की आवाज सुनी नहीं जा रही है। 

इस दौरान MPYC के प्रदेश सचिव सरफराज अंसारी ने बताया कि लगातार 2 साल से छात्रवृत्तियां रोकी जा रही हैं या किस्तों में दी जा रही है। जब युवाओं के शिक्षा पर खर्च करने की बात आती है तो सरकार धन की कमी का बहाना बनाकर छात्रवृत्ति रोकती है। जबकि हर महीने प्रदेश में राजनीतिक लाभ के लिए करोड़ों रुपयों का आयोजन (मेगा इवेंट) करने के लिए सरकार के पास धन की कमी नहीं होती। सरकार की नीति से प्रभावित होने वाले स्टूडेंट्स ओबीसी, एससी, एसटी और आर्थिक पिछड़ा वर्ग से हैं।

मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ विक्रांत भूरिया ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है। डॉ भूरिया ने पुलिस कार्रवाई को शिवराज सरकार का कायराना हरकत बताते हुए कहा कि, 'भाजपा सरकार का अंत निकट है। हक के लिए लड़ रहे युवाओं को लाठियों से डराना चाहती है। लेकिन ये युवा डरने वाले नहीं है। युवाओं ने आवाज उठाया है तो उसे अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। शिवराज ने सरकार यदि अब भी छात्र हितों का अनदेखा किया तो हम प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे।'