MP Drama School: रंगकर्म विद्यार्थियों का मौन प्रदर्शन

No To General Promotion: नाट्य विद्यालय के छात्रों की माँग क्लास लगाएं, 15 दिन की ऑनलाइन क्लास से नहीं सीख सकते परफॉर्मिग आर्ट

Updated: Aug 08, 2020 02:40 AM IST

MP Drama School: रंगकर्म विद्यार्थियों का मौन प्रदर्शन

भोपाल। मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के छात्रों का भविष्य अधर में है। नाट्य विद्यालय प्रबंधन पर छात्रों ने भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि नाट्य विद्यालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2019-20 के छात्रों को केवल 15 दिन का क्लास लगाकर जनरल प्रमोशन दिया जा रहा है। समाचार पत्रों में नए शिक्षण सत्र के लिए छात्रों का साक्षात्कार शुरु करने की खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं।

छात्रों ने सवाल उठाया है कि जब पुराने छात्रों का शिक्षण सत्र अभी समाप्त नहीं हुआ है, ऐसे में नया सत्र आरंभ करना कहां तक उचित है। छात्रों का कहना है कि यह परफॉर्मिग आर्ट है केवल 15 दिन की ऑनलाइन क्लास से कोई अभिनय की कला नहीं सीख सकता। कोरोना काल में अपनी मांगों को लेकर छात्रों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नाट्य विद्यालय परिसर में शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया।

 पहले बजट और फिर कोरोना के कारण प्रभावित हुई पढ़ाई

देश और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से ये छात्र जुलाई 2019 में सलेक्ट होकर नाट्य विद्यालय आए थे। उन्हे 2019-20 सत्र की शुरुआत से ही कई समस्यों का सामना करना पड़ा। छात्रों का कहना है कि उनके सत्र की शुरुआत से ही सबसे प्रमुख समस्या बजट थी। बजट की कमी के कारण शिक्षक नाट्य विद्यालय में नहीं आ पाए। छात्रों का कहना है कि उनके प्रयास से कुछ हालत ठीक होने की संभावना बनी लेकिन कोविड 19 के कारण उनकी कक्षाएं नही हो पाई।

रंगमच के प्रशिक्षुओं ने लगाया अनदेखी का आरोप

नाट्य विद्यालय के छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने अपने भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इनदिनों नई शिक्षा नीति निर्धारित की जा रही है। शिक्षा में कला और कौशल के महत्व को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे समय में रंगमंच प्रशिक्षुओं को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है? छात्रों की मांग है कि उनका सत्र पूरा होने दिया जाए। छात्रों को उनका बचा हुआ कोर्स पूरा करने का विकल्प दिया जाए।

छात्रों की मांग, अधूरी नहीं पूरी शिक्षा चाहिए

मध्यप्रदेश नाट्य विद्याल के छात्र अपनी समस्या से प्रदेश की संस्कृति मंत्री, संस्कृति संचालनालय समेत सभी जगह रख चुके हैं। लेकिन छात्रों को अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। छात्रों की मांग है कि इस सत्र को शून्य वर्ष घोषित किया जाए या फिर उनकी 4 माह की कक्षाएं लगाकर कोर्स पूरा करवाया जाए। छात्रों का कहना है कि 15 दिन की कक्षा नहीं सम्पूर्ण शिक्षा चाहिए, वो किसी भी तरह अधूरी शिक्षा नहीं लेना चाहते। एक्टिंग जैसा परफॉर्मिंग आर्ट 15 दिन की ऑनलाइन क्लास के माध्यम से नहीं सीखा जा सकता है।