MP: पशुओं को खुला छोड़ना मालिक को पड़ेगा भारी, सड़कों पर मिले मवेशी तो चुकाना होगा 1 हजार रुपए जुर्माना

मध्य प्रदेश में सड़कों पर मवेशियों के बैठे होने के कारण कई बड़ी दुर्घटनाएं होती है। इसे रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब मवेशी सड़कों पर दिखेंगे तो मालिक से जुर्माना वसूला जाएगा।

Updated: Nov 03, 2022, 10:29 AM IST

MP: पशुओं को खुला छोड़ना मालिक को पड़ेगा भारी, सड़कों पर मिले मवेशी तो चुकाना होगा 1 हजार रुपए जुर्माना

भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़कों पर मवेशियों के बैठे होने के कारण कई बड़ी दुर्घटनाएं होती है। इसे रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के बाद अब मवेशी सड़कों पर दिखेंगे तो मालिक से 1 हजार रुपए जुर्माना वसूला जाएगा।

पशुपालकों से जुर्माना वसूलने संबंधी अध्यादेश राज्य सरकार ने जारी कर दिया है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अनुमति से सरकार ने मध्य प्रदेश नगर पालिका विधि (संशोधन) अध्यादेश-2022 जारी किया है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में नगरीय विकास एवं आवास विभाग संशोधन विधेयक प्रस्तुत करेगा।

इसमें प्रावधान किया गया है कि कोई भी जानबूझकर या लापरवाही से किसी मवेशी या अन्य पशुओं को सड़क या अन्य सार्वजनिक स्थान पर छोड़ेगा या बांधेगा तो उस पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। यह राशि पहले पांच हजार रुपये प्रस्तावित की गई थी लेकिन मंत्रियों के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने इस घटाकर एक हजार रुपये कर दिया था।

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दरअसल, अक्टूबर 2021 में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भोपाल से जबलपुर जा रहे थे। तभी उन्हें सड़क पर पशु दिखे। जबलपुर पहुंचकर उन्होंने टिप्पणी की कि सड़कों पर पशु रहना गंभीर समस्या है। कितने दिनों से यह दिक्कत है, यह ठीक नहीं। जल्द ही समस्या का स्थाई समाधान होना चाहिए।' इसी टिप्पणी के बाद राज्य सरकार हरकत में आई।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार मप्र में आवारा गौवंश की संख्या 8 लाख 53 हजार 971 है। पालतू पशुओं की संख्या 4.06 करोड़ है। बरसात के मौसम में पालतू पशुओं को भी पालक बाहर छोड़ देते हैं, और वे सड़क पर आकर बैठ जाते हैं। जिससे सड़क हादसों में इजाफा हो गया है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एक हजार रुपये अर्थदंड होने से पशुपालक भी मवेशी को खुले में छोड़ने से बचेंगे। पशुओं की पहचान के लिए पशुपालन विभाग द्वारा टैग लगाए जाएंगे जिसके माध्यम से मवेशी के मालिक का पता लगाया जाएगा।