बेटा! तुम जानते नहीं हो मुझे, मेरी पार्टी की सरकार है, मास्क के लिए पूछने पर BJP नेता ने दिखाया धौंस

मध्यप्रदेश के जबलपुर में बीजेपी नेताओं के सामने बेबस पुलिस, मास्क नहीं पहनने पर रोकना पुलिस को पड़ रहा है भारी, हाल ही में बीजेपी नेताओं से माफी मांग चुकी है पुलिस

Updated: May 30, 2021, 06:01 PM IST

बेटा! तुम जानते नहीं हो मुझे, मेरी पार्टी की सरकार है, मास्क के लिए पूछने पर BJP नेता ने दिखाया धौंस

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में सत्तारूढ़ बीजेपी नेताओं के सामने पुलिस की बेबसी का एक और मामला सामने आया है। यहां कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के बाद एक व्यक्ति ने न केवल पुलिस के साथ अभद्रता की, बल्कि उन्हें वर्दी उतरवाने का धमकी भी दिया। इतना सब होने के बाद पुलिस ने भी उसे चुपचाप जाने दिया, क्योंकि वह खुद को बीजेपी का कार्यकर्ता बता रहा था।

जानकारी के मुताबिक जबलपुर के भानतलैया इलाके में पुलिस चेक पोस्ट लगी थी। यहीं से बीजेपी का कार्यकर्ता रामु सोनकर बिना मास्क पहने अपने दुपहिया वाहन पर जा रहा था। पुलिसकर्मियों ने जब उसे रोककर मास्क पहनने की समझाइश दी तो वह पुलिस से ही बदतमीजी करने लगा और धमकी देने लगा वह उनकी वर्दी उतार देगा। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 

वीडियो में रामु सोनकर पुलिस से यह कहते देखा जा सकता है कि, 'बेटा तुम अभी मुझे जानते नहीं हो कि मैं कौन हूं। मेरी ही पार्टी की सरकार चल रही है।' हैरानी की बात यह है कि इतना सबकुछ होने के बावजूद पुलिस ने उसे जाने दिया। रामु ने चालान तक नहीं भरा जबकि आमतौर पर बिना मास्क पहने लोगों से मध्यप्रदेश में 100 से 500 रुपए फाइन लिया जाता है। मामला तूल पकड़ने के बाद जब स्थानीय मीडिया ने पुलिस से पूछताछ की तो ये कहा गया कि बवाल न बढ़े इसलिए उन्हें जाने दिया गया। लेकिन रामु के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

माफी मांग चुकी है पुलिस

जबलपुर में बीजेपी नेताओं के सामने पुलिस की बेबसी का यह पहला मामला नहीं हैं। इसी महीने पुलिस को बीजेपी कार्यकर्ताओं से माफी तक मांगनी पड़ी थी। घटना बीते 15 मई की है जब बीजेपी के मंडल महामंत्री पुष्पराज पटेल अपने साथियों के साथ बिना मास्क पहने अहिंसा चौक से गुजर रहे थे। यहां पुलिस ने जब उन्हें रोका तो वे पुलिसवालों को वर्दी उतरवाने की धमकी देने लगे। साथ ही वहीं धरने पर बैठ गए। 

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इसके बाद पुलिस ने इस बात की जानकारी आला अधिकारियों को दी ताकि उनका सपोर्ट मिले, लेकिन उन्हें उल्टा फटकार मिली और अंततः हाथ जोड़कर पुलिसवालों को पुष्पराज पटेल से माफी मांगनी पड़ी। अब सवाल ये उठता है कि एक ओर सीएम शिवराज तो मास्क पहनने की अपील करते हैं, लेकिन दूसरी ओर उनके पार्टी के नेता दिशानिर्देशों की सरेआम धज्जियां उड़ाते दिख रहे हैं।