PUBG Banned: फौजी गेम पर घिरे बीजेपी के मंत्री तुलसी सिलावट

Tulsi Silawat: फौजी गेम की वकालत करने पर मंत्री तुलसी सिलावट की आलोचना, युवाओं ने कहा कि शर्म कीजिए, रोजगार की जगह कर रहे हैं गेम की बात सोशल मीडिया पर फौजी गेम की वकालत करने पर युवाओं ने जमकर लताड़ा, कहा- रोजगार पर कब बात करोगे

Updated: Sep 06, 2020 12:00 PM IST

PUBG Banned: फौजी गेम पर घिरे बीजेपी के मंत्री तुलसी सिलावट

भोपाल। देशभर में रोजगार के मुद्दे पर बेरोजगार युवाओं का खासा विरोध प्रदर्शन दिख रहा है। इसी बीच पब्जी जैसे चीनी एप बंद होने के बाद अब भारत निर्मित गेम फौजी आने की चर्चा जोरों पर है। मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री तुलसी राम सिलावट फौजी गेम को लेकर की गई पोस्ट पर बुरी तरह फंस गए। इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए युवाओं ने उन्हें कहा कि हमें गेम नहीं नौकरी चाहिए।

फेसबुक पोस्ट पर लोगों ने फौजी गेम की वकालत करने पर मंत्री तुलसी राम सिलावट की आलोचना की और उन्हें कहा कि शर्म कीजिए आप की मंत्री होकर भी आप रोजगार देने की बात के जगह गेम लॉन्च की नात कर रहे हैं।

फौजी गेम

दरअसल, बीजेपी नेता तुलसी सिलावट ने शुक्रवार (04 सितंबर) रात सोशल मीडिया साइट फेसबुक एयर ट्वीटर पर एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें उन्होंने लिखा, 'पब्जी नहीं अब फौजी का जमाना है। एक भारतीय कंपनी फौजी गेम एप्प लांच करने जा रही है। मनोरंजन के साथ-साथ ये गेमिंग एप्प हमारी सेना के जांबाज सैनिकों की शौर्य गाथा भी सुनाएगा। इसके रेवेन्यू का 20% सैनिकों के कल्याण के लिए बने भारत के वीर  ट्रस्ट को दिया जाएगा। आत्मनिर्भर भारत।'

फौजी गेम

हमें रोजगार चाहिए गेम नहीं

मंत्री तुलसी राम सिलावट की यह पोस्ट उनके लिए तब मुसीबत बन गई जब लोगों ने रिप्लाई में तीखी टिप्पणियां की। लोगों ने कमेंट में कहा कि हमें रोजगार चाहिए गेम नहीं। पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए रामबाबू चौहान ने लिखा, 'युवाओं को रोजगार चाहिए आदरणीय गेम नहीं। विश्व के आप पहले मंत्री है जो रोजगार की बात नहीं कर रहे गेम की बात कर रहे हैं।' एक फेसबुक यूजर नाना सेन ने लिखा, 'अच्छा, युवाओं को गेम में लगा के रखो कोई रोजगार नही मांगेगा। मंत्री मोहदय रोजगार की बात करो।'

हमें बिकाऊ नहीं टिकाऊ चाहिए

इस पोस्ट पर लोगों ने कांग्रेस से बागी होकर बीजेपी में आए सिंधिया समर्थक सिलावट के ऊपर पार्टी बदलने को लेकर भी तंज कसा है। एक यूजर फरदीन ने लिखा, 'हमें टिकाऊ चाहिए बिकाऊ नहीं। हमें रोजगार चाहिए गेम नहीं। हमें फिर से कमलनाथ चाहिए कोई और नहीं।'

वहीं एक अन्य यूजर शोएब ने कहा, 'आपको शर्म नही आई जहां एक तरफ देश के करोडो युवा बेरोजगार घुम रहे हैं, किसान आत्महत्या कर रहे हे और अप युवओ को रोजगार देने के बजाय नया गेम खेलने को दे रहे हो।'