Bhopal: बेटे की चाह में एक माह की बेटी को डुबो कर मार दिया

Crime Against Girls: भोपाल में लड़की पैदा होने से दु:खी महिला ने अपनी मासूम बच्ची को पानी की टंकी में डुबोया, पुलिस से बचने के लिए लिया अंधविश्वास सहारा

Updated: Sep 19, 2020 12:26 AM IST

Bhopal: बेटे की चाह में एक माह की बेटी को डुबो कर मार दिया
Photo Courtesy: Bhaskar

भोपाल। बेटे की चाहत में एक मां ने अपनी मासूम बेटी की हत्या कर दी। यह सनसनीखेज वारदात राजधानी भोपाल के खजूरी थाना इलाके की है। बुधवार को मां ने अपनी एक महीने की बेटी को पानी की टंकी में डुबोकर मौत के घाट उतार दिया था।

खजूरी थाना पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया है। इस बच्ची का शव पानी की टंकी में मिला था। महिला ने पुलिस को कई मनगढ़ंत कहानियां सुनाईं। लेकिन बाद में उसने अपना जुर्म खुद कुबूल कर लिया है। महिला ने स्वीकार किया है कि बेटे की चाहत में उसने अपनी बेटी को पानी की टंकी में डुबोकर मारा था।

डीआईजी इरशाद वली से मिली जानकारी के अनुसार 21 वर्षीय सरिता की शादी एक साल पहले ही हुई थी उसने एक महीने पहले ही बेटी को जन्म दिया था। वह बेटी पैदा होने से दुखी थी। जब बुधवार को घर के सभी लोग खेत में काम करने चले गए। तब दोपहर में उसने शोर मचाना शुरु कर दिया कि उसकी बेटी नहीं मिल रही है। 

तब पड़ोसियों और घरवालों ने मासूम किंजल को खोजना शुरू किया। परिजनों को शंका थी कि बच्ची को कोई जानवर उठाकर ले गया होगा। बच्ची नहीं मिलने पर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई। पुलिस को तलाशी के दौरान बच्ची का शव घर की पानी की टंकी में मिला। पोस्टमार्टम करवाने पर इस बात की पुष्टि भी हुई है कि बच्ची की मौत डूबने से हुई है।

बच्ची की मां सरिता ने इस दौरान पुलिस को गुमराह करने की कोशिश भी की थी। उसने पुलिस को जादू-टोना और भूत आने की कहनी सुनाई। साथ ही यह भी बताया कि बेटी पैदा होने पर लोग उसे ताना दे रहे थे। जब पुलिस ने सरिता पर सख्ती की, तब कहीं जाकर उसने पूरी कहानी बताई। उसने बताया कि बेटे की चाहत पूरी नहीं होने की वजह से उसने किंजल को पीने के पानी की टंकी में डुबो दिया और उसपर ढक्कन लगा दिया। किसी को उसकी हरकत का पता नहीं चले इसलिए खुद ही शोर मचाकर पड़ोसियों को जमा कर लिया।

पुलिस का कहना है कि डेहरिया खजूरी गांव के रहने वाले सचिन मेवाड़ा खेती करते हैं। बच्ची के गायब होने के दौरान केवल उसकी पत्नी यानि बच्ची की मां सरिता ही घर पर थी। 11 लोगों के परिवार में उस वक्त कोई और नहीं था। उस दौरान घर पर कोई आया भी नहीं। ऐसे में शक सरिता पर ही था। जुर्म कबूल करने के दौरान सरिता की तबीयत भी खराब हो गई। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस का कहना है कि बच्ची की हत्या में किसी और के शामिल होने की भी जांच जारी है।