Rakesh Patidar: सुवासरा में राकेश पाटीदार को जातीय समीकरण का मिलेगा फायदा

Suwasra By Poll 2020: छात्र राजनीति से करियर की शुरुआत करने वाले राकेश पाटीदार पर उपचुनाव में कांग्रेस ने जताया भरोसा, दलबदलू हरदीप सिंह डंग को देंगे टक्कर, युवाओं में लोकप्रियता का फायदा

Updated: Oct 05, 2020 02:04 AM IST

Rakesh Patidar: सुवासरा में राकेश पाटीदार को जातीय समीकरण का मिलेगा फायदा

भोपाल। मंदसौर जिले के सुवासरा विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने राकेश पाटीदार पर भरोसा जताया है। कांग्रेस से टिकट मिलने के बाद अब सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में नए सिरे से राजनीतिक समीकरण बन गए हैं। राकेश पाटीदार के मैदान में आने के बाद पाटीदार समाज का ध्रुवीकरण होता नजर आ रहा है। राकेश का मुकाबला कांग्रेस से बीजेपी ने गए हरदीपसिंह डंग से होगा।

दसवीं तक शिक्षित 28 वर्षीय राकेश पाटीदार के राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र संगठन से हुई। वे युवक कांग्रेस के स्थानीय और लोकसभा क्षेत्र के कई पदों पर रहे हैं। साल 2005 में पहली बार गुराड़िया प्रताप पंचायत में पंच चुने गए। वहीं साल 2011 के मंडी समिति चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। साल 2011 से 13 तक मंदसौर लोकसभा क्षेत्र में युवक कांग्रेस अध्यक्ष रहे हैं। 2013 से 18 तक लोक सभा क्षेत्र में युवक कांग्रेस उपाध्यक्ष भी रहे हैं। वहीं साल 2018 से अभी तक जिला कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सम्हाली।

साल 2017 के किसान आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी। इन पर 11 धाराओं में केस भी दर्ज हैं। कांग्रेस से राकेश को टिकट मिलने की खास वजह हरदीप सिंह डंग का प्रतिद्वंद्वी होना माना जा रहा है। हरदीपसिंह के कांग्रेस से बीजेपी में शामिल होने से बीजेपी के कई नेता असंतुष्ट हैं। राकेश पाटीदार की बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से नजदीकी है। राकेश पाटीदार को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर राकेश की अच्छी पकड़ है, उन्होंने सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ने का काम किया है।

राकेश पाटीदार अक्सर बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए नजर आते हैं। कोरोना काल में 20 लाख करोड़ के कोरोना राहत पैकेज को लुभावने वादे और मुंगेरीलाल के सपने कहा था। उन्होंने गेहूं खरीदी घोटाले, खाद्यान आवंटन, बिजली के महंगे बिलों को लेकर अक्सर बीजेपी सरकार पर प्रहार किया है।

सुवासरा में दो लाख से ज्यादा वोटर हैं। यहां के जातिगत समीकरणों की बात करें तो यहां पोरवाल समाज के करीब 25 हजार वोटर्स हैं, सौंधिया राजपूत समाज के 20 हजार और पाटीदार समाज के करीब 17 हजार मतदाता हैं।

कांग्रेस प्रत्याशी राकेश पाटीदार पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं। वे छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं, यही कारण है कि वे युवा वर्ग में खासे लोकप्रिय हैं। उनकी पाटीदार समाज में भी अच्छी खासी पकड़ है। कांग्रेस को उम्मीद है कि पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशी को टिकट देने से किसान और अन्य वर्गों की सहानुभूति मिलेगी। सुवासरा में जातीय समीकणर साधते हुए पार्टियां टिकट देती रही हैं।

वहीं किसानों का मुद्दा चुनाव जिताने में खास भूमिका निभा सकता है। गौरतलब है कि राकेश पाटीदार को ज्योतिरादित्य सिंधिया का कट्टर समर्थक माने जाता था। लेकिन सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद भी वे पार्टी छोड़कर नहीं गए और उन्हें विधान सभा चुनाव के लिए टिकट दिया गया है। सुवासरा में राकेश पाटीदार दलबदलू हरदीपसिंह डंग को कड़ी टक्कर देने की पूरी तैयारी में हैं। कांग्रेस पार्टी ने राकेश पाटीदार को अपना प्रत्याशी बनाकर पाटीदार वोट बैंक साधने की पूरी कोशिश की है। कांग्रेस को उम्मीद है कि सुवासरा की जनता का प्यार उन्हे जरूर मिलेगा।