कारम डैम निर्माता कंपनी के मालिक हैं मेरे दोस्त, दोस्ती कोई गुनाह तो नहीं: नरोत्तम मिश्रा

धार जिले की कारम नदी पर बने डैम के ध्वस्त होने के बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने स्वीकार किया है कि धार का कारम डैम बनाने वाली कंपनी के प्रमोटर अशोक भारद्वाज उनके मित्र हैं और डैम बनाने वाले से मित्रता होना कोई गुनाह नहीं है

Updated: Aug 25, 2022, 01:34 PM IST

कारम डैम निर्माता कंपनी के मालिक हैं मेरे दोस्त, दोस्ती कोई गुनाह तो नहीं: नरोत्तम मिश्रा

इंदौर। धार की कारम नदी पर बने डैम के ध्वस्त होने के बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पहली बार स्वीकार किया है कि डैम निर्माता कंपनी के मालिक उनके दोस्त हैं। उन्होंने कहा कि मित्रता करना कोई गुनाह नहीं है। दरअसल, विपक्ष का दावा है कि नरोत्तम मिश्रा ने अपने करीबी मित्र को डैम बनाने का ठेका दिलाया था। डैम निर्माण में गुणवत्ता से समझौता हुई और करोड़ों का भ्रष्टाचार किया गया। कमलनाथ सरकार को गिराने में इस रकम मद इस्तेमाल किया गया।

बुधवार को इंदौर में इस मामले को लेकर प्रेस से चर्चा के दौरान गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि, 'धार में कारम नदी पर बना डैम दरअसल, तालाब है क्योंकि इसमें गेट नहीं लगे थे। यह तालाब नुमा संरचना थी। इसलिए इसे बड़ा बांध नहीं कहा जा सकता। हम सार्वजनिक जीवन जीते हैं, सारथी कम्पनी के अशोक भारद्वाज मेरे मित्र हैं इसे लेकर हमने मना नहीं किया है। इस मामले में डैम को लेकर वस्तुस्थिति पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्पष्ट कर चुके हैं।'

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बता दें कि धार जिले की कारम नदी पर ध्वस्त हुए बांध के निर्माण का ठेका दिल्ली की एएनएस कंपनी को दिया गया था, लेकिन जमीन पर काम सारथी कंस्ट्रक्शन नामक दूसरी कंपनी कर रही थी। सारथी नाम की कंपनी के प्रमोटर अशोक भारद्वाज हैं जिनके राज्य सरकार के कई मंत्रियों से करीबी संबंध बताए जाते हैं। दरअसल, पहले भी घटिया निर्माण के कारण सारथी कंस्ट्रक्शन को 2018 में ही ब्लैकलिस्टेड किया जा चुका था। इसके अलावा दिल्ली की एएनएस कंस्ट्रक्शन कंपनी भी 2016-17 में ब्लैकलिस्टेड की जा चुकी है। 

हालांकि इस घटना के बाद एक बार फिर से राज्य सरकार ने डैम के निर्माण संबंधी दिल्ली की एजेंसी एएनएस कंस्ट्रक्शन कंपनी और उसकी साझीदार ग्वालियर की सारथी कंपनी का पंजीयन निलंबित कर दोनों कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड किया है। डैम के ध्वस्त होने के बाद राज्य सरकार ने दावा किया था कि जांच दल की रिपोर्ट में निर्माण कंपनियों की लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। हालांकि, शिवराज समझडैम की बाउंडरी को तोड़कर पानी निकालने वाले जेसीबी ड्राइवरों एवं अन्य कर्मचारियों को दो दो लाख रुपए देकर पहले ही सम्मानित कर चुकी है।