प्रभारी मंत्री से मिलने गए कांग्रेस विधायक के साथ प्रशासन ने की बदसलूकी, कांग्रेस ने कहा, ये कलेक्टर हैं या बीजेपी के गुंडे

डिंडौरी ज़िले के दौरे पर आए थे प्रभारी मंत्री मोहन यादव, डिंडौरी विधायक ओमकार सिंह मंत्री से पहुंचे मिलने, लेकिन प्रशासन ने नहीं दिया मंत्री से मिलने, कांग्रेस विधायक द्वारा विरोध करने पर प्रशासन ने की जनप्रतिनिधी के साथ बदसलूकी

Updated: Jul 21, 2021, 05:51 PM IST

प्रभारी मंत्री से मिलने गए कांग्रेस विधायक के साथ प्रशासन ने की बदसलूकी, कांग्रेस ने कहा, ये कलेक्टर हैं या बीजेपी के गुंडे

भोपाल। कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम के साथ आज डिंडौरी प्रशासन ने बदसलूकी कर दी। डिंडौरी ज़िले में प्रभारी मंत्री मोहन यादव के दौरे पर होने की सूचना मिलने पर ओमकार सिंह मरकाम उनसे मिलने पहुंचे। लेकिन मंत्री के काफिले के साथ मौजूद पूरे प्रशासनिक अमले ने विधायक को प्रभारी मंत्री से मिलने से रोक दिया। प्रशासन के इस रवैये का जब विधायक ने विरोध किया तब प्रशासन ने विधायक के एक जनप्रतिनिधी होने तक का लिहाज़ नहीं किया।मंत्री के काफिले के साथ मौजूद पुलिसकर्मियों ने विधायक को उठाकर सड़क से किनारे कर दिया।  

विधायक के साथ बदसलूकी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता कि कैसे कांग्रेस विधायक डिंडौरी कलेक्टर सहित पूरे प्रशासनिक अमले से कह रहे हैं कि उन्हें मंत्री से मिलने दिया जाए। लेकिन बार बार आग्रह करने के बावजूद जब प्रशासन ने कांग्रेस विधायक की मांग नहीं मानी, तब मजबूरन विधायक को मंत्री का काफिला रोकने पर मजबूर होना पड़ा।  

ओमकार सिंह मरकाम अपना विरोध ज़ाहिर करने के लिए मंत्री के काफिले के सामने बीच सड़क पर बैठ गए। लेकिन वहां मौजूद प्रशासनिक अमले ने विधायक को ज़बरदस्ती उठाकर सड़क के दूसरे किनारे बैठा दिया। इस पूरे मामले पर कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस ने अपने विधायक के साथ हुए अशोभनीय बर्ताव का विरोध करते हुए कहा है कि शिव’राज की तानाशाही,विधायक को मंत्री से मिलने की अनुमति नहीं;कांग्रेस के आदिवासी विधायक एवं पूर्व मंत्री ओमकार मरकाम ज़िले के प्रभारी मंत्री से मिलने आये थे, लेकिन कलेक्टर-एसपी ने उन्हें बलपूर्वक रोककर लोकतंत्र की हत्या की।शिवराज, ये कलेक्टर एसपी हैं या बीजेपी के गुंडे।        

वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर खुद ओमकार सिंह मरकाम ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि प्रोटोकॉल के तहत जब प्रभारी मंत्री जिले के दौरे पर होते हैं तो स्थानीय विधायक एवं सांसद को बुलाया जाता है। पुलिस प्रशासन द्वारा मुझे प्रभारी मंत्री से मिलने से रोका गया, मुझे पुलिस प्रशासन द्वारा अनैतिक रूप से रोकना, मेरे संवैधानिक अधिकारों का हनन है।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि उनका क्षेत्र आदिवासी बहुल है और पिछड़ा हुआ, मैं माननीय मंत्री जी से मिलकर अपने क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं को उनके समक्ष रखता व उनके सुदृढ़ीकरण की माँग करता, लेकिन मुझे रोक दिया गया। कांग्रेस नेता ने इसे घोर निंदनीय करार देते हुए कहा कि मुझे निवर्तमान विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद भी प्रभारी मंत्री से नहीं मिलने दिया गया। ओमकार सिंह मरकाम ने अपने साथ हुए बर्ताव को लेकर कहा कि यह मेरे विधानसभा क्षेत्र की आदिवासी बहुल जनता एवं यहाँ के एक एक नागरिक का अपमान है। कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के नशे में चूर शिवराज सिंह जी और प्रभारी मंत्री मोहन यादव जी यह मत भूलिए आज के बाद कल भी आता है,डिंडौरी की जनता अपने जनप्रतिनिधि का अपमान नहीं सहेगी और आपको इसका करारा जवाब मिलेगा।