प्रदेश में 37 ज़िलों में लगेगा ऑक्सीजन प्लांट, कोरोना की पहली लहर में भी हुई थी घोषणा

पूर्वमुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि ये घोषणा है की अमल भी होगा? यदि यह सब पहले कर लिया जाता तो बड़ी संख्या में जान बचाई जा सकती थी।

Updated: Apr 19, 2021, 12:40 PM IST

प्रदेश में 37 ज़िलों में लगेगा ऑक्सीजन प्लांट, कोरोना की पहली लहर में भी हुई थी घोषणा
Photo courtesy: hindustan times

भोपाल। कोरोना संक्रमण के बीच अस्पतालों में हो रही ऑक्सीजन की किल्लत के चलते सीएम शिवराज सिंह चौहान 37 ज़िलों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान की घोषणा पर पूर्वमुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार आग लगने के बाद कुआं खोदने की तैयारी नहीं, सिर्फ बात कर रही है। यदि यह आठ महीने पहले कर लिया जाता, तो कई लोगों की जान बच जाती।

गौरतलब है कि कोरोना की पहली लहर के दौरान शिवराज सरकार ने प्रदेश के 9 जिलों में मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए टेंडर जारी किए था। लेकिन लहर कमजोर होते ही सरकारी तंत्र ने ध्यान देना बंद कर दिया। बाबई (होशंगाबाद) में लग रहे प्लांट के लिए 40% निवेश सहायता (7 साल के लिए) देने का ऐलान करने के बाद कई कंपनियों ने रुचि दिखाई थी। उस समय कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी ने कहा था कि कंपनी का चयन हो गया, तो अगले साल जनवरी-फरवरी तक ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू हो जाएगा। इससे सामान्य हालातों में इन जिला अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत पूरी हो जाएगी। 

कोरोना की पहली लहर में  सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट लगाने का निर्णय इसलिए लिया था, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने नागुपर स्थित आइनाॅक्स कंपनी के प्लांट से मप्र को तरल ऑक्सीजन देने से मना कर दिया था, जिससे चिंता बढ़ गई थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से बातचीत के बाद महाराष्ट्र सरकार ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए तैयार हुई थी। अब कोरोना की दूसरी लहर में भी महाराष्ट्र सरकार ने ऑक्सीजन की सप्लाई मप्र में करने के लिए यह कहते हुए हाथ खड़े कर दिए कि उनके राज्य में जरूरत है।

उल्लेखनीय है सीएम शिवराज सिंह चौहान के घोषणा के बाद पूर्वमुख्यमंत्री कलनाथ ने सिलसिलेवार दूसरा ट्वीट कर कहा "हमेशा की तरह अभी भी घोषणा की ही राजनीति जनता को गुमराह करने के लिये ? ज़रूरत आज है ऑक्सिजन की , एक तरफ़ ऑक्सिजन की कमी से प्रदेश में रोज़ लोगों की जाने जा रही है , यदि यह सब पहले कर लिया जाता तो आज बड़ी संख्या में लोगों की जान बचायी जा सकती थी , प्रदेश की आज यह स्थिति नहीं होती ?"

ज्ञात हो मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन की किल्लत के चलते बीते दिनों भोपाल सिटी हॉस्पिटल में 5 कोरोना मरीजों की जान जा चुकी है। वहीं शहडोल मेडिकल अस्पताल में ऑक्सीजन टैंकर न पहुंचने से ऑक्सीजन की कमी हो गई। इसकी वजह से शनिवार रात  12 संक्रमित गंभीर मरीजों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।