NP Prajapati: एमपी विधानसभा सत्र न बुलाना असंवैधानिक

MP Assembly: पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को लिखा पत्र, प्रोटेम स्पीकर की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

Updated: Aug-20, 2020, 03:46 PM IST

NP Prajapati: एमपी विधानसभा सत्र न बुलाना असंवैधानिक

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से जल्द ही विधानसभा का सत्र आयोजित किए जाने हेतु पत्र लिखा है। प्रजापति ने कहा है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद बीते 5 महीनों में केवल 9 मिनट ही विधानसभा चली है जो कि संविधान के विरूद्ध है। 

एनपी प्रजापति ने पत्र में कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 174 (1) के प्रावधान के अनुसार 6 महीने के भीतर सत्र आहूत करना संवैधानिक बाध्यता है। प्रजापति ने अपने पत्र में कहा है कि लंबे समय तक सत्र का आयोजन न होना, न केवल संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है अपितु जनता के बीच भी यह संदेश जा रहा है कि उनके प्रतिनिधि अनलॉक शुरू होने के बाद भी जन समस्याओं की उदासीनता बरतते हुए सत्र नहीं बुला रहे हैं। 

प्रोटेम स्पीकर की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल 
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने शिवराज सिंह चौहान को लिखे अपने पत्र में हाल ही में प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किए गए रामेश्वर शर्मा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। प्रजापति ने कहा है कि प्रोटेम स्पीकर ने निर्वाचित समितियों का गठन करने के बजाय केवल समितियों की नामजदगी का निर्णय क्यों लिया है? पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को प्रेषित अपने पत्र में कहा है कि वर्तमान प्रोटेम स्पीकर द्वारा तमाम निर्णय पूर्व परम्परा के खिलाफ लिए जा रहे हैं।  प्रजापति ने प्रोटेम स्पीकर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ऐसी स्थिति में जब विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा है तब विधानसभा सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर एक सेवानिवृत जज की संविदा नियुक्ति की गई है। 

प्रजापति ने मुख्यमंत्री को प्रोटेम स्पीकर के अधिकारों की याद दिलाते हुए कहा है कि प्रोटेम स्पीकर एक काम चलाऊ व्यवस्था है। प्रोटेम स्पीकर नामजद है निर्वाचित नहीं। प्रजापति ने कहा है कि प्रोटेम स्पीकर का काम सदस्यों को शपथ दिला कर  नए अध्यक्ष की नियक्ती तक ही रहता है। 

दूसरी बार के विधायक को प्रोटेम स्पीकर क्यों बनाया ? 
प्रजापति ने विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर वर्मा की अनुभवहीनता पर भी सवाल खड़ा किया है। प्रजापति ने शिवराज को वर्तमान विधानसभा के पहले सत्र की याद दिलाई है। प्रजापति ने शिवराज से कहा है कि जब ' वर्तमान विधानसभा के पहले सत्र में कांग्रेस ने 1993 में सदन में चुन कर आए, चार बार के विधायक दीपक सक्सेना को महज़ आठ दिन के लिए प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया था, तब शिवराज सिंह चौहान ने उनकी अनुभवहीनता पर खुद सवाल खड़ा किया था। लेकिन अब शिवराज सिंह चौहान ने खुद दो बार के विधायक को प्रोटेम स्पीकर क्यों बनाया है ?