सीएम हाउस के पास नहीं कर सकेंगे विरोध प्रदर्शन, पॉलिटेक्निक समेत प्रमुख चौराहे प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित

भोपाल में पुलिस आयुक्त ने CM हाउस समेत तीन प्रमुख चौराहों पर धरना प्रदर्शन और पुतला दहन पर दो महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। ट्रैफिक बाधा और इमरजेंसी सेवाओं पर असर को देखते हुए यह फैसला लिया गया।

Updated: Apr 23, 2026, 10:59 AM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शहर के सबसे व्यस्त चौराहों पर अब धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। पुलिस आयुक्त ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर पॉलिटेक्निक चौराहा, आकाशवाणी चौराहा और किलोल पार्क चौराहा समेत आसपास के इलाकों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले दो महीने तक प्रभावी रहेगा।

पुलिस द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि ये तीनों चौराहे शहर के प्रमुख यातायात मार्गों पर स्थित हैं और यहां से एयरपोर्ट तथा जैसे अहम स्थानों तक पहुंच बनाई जाती है। ऐसे में इन जगहों पर किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन होने से ट्रैफिक बाधित होता है। जिससे आम नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ती है।

प्रशासन का कहना है कि इन क्षेत्रों में अक्सर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा प्रदर्शन की अनुमति मांगी जाती रही है। लेकिन चौराहों की संवेदनशीलता और वैकल्पिक मार्गों की कमी के कारण शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। यही वजह है कि इन स्थानों को प्रतिबंधित घोषित करने का निर्णय लिया गया।

पुलिस ने यह भी बताया कि प्रदर्शन या धरने के कारण एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित होती है। जो किसी भी स्थिति में जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए कानून व्यवस्था और सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि निर्धारित अवधि के दौरान इन चौराहों पर किसी भी प्रकार के आंदोलन या विरोध कार्यक्रम पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।