RGPV विश्वविद्यालय में पेपर लीक, परीक्षा से पहले व्हाट्सएप पर बिका फार्मेसी का पेपर, 3 छात्र गिरफ्तार

ग्वालियर में RGPV की डिप्लोमा फार्मेसी परीक्षा का पेपर लीक हो गया। 6 अप्रैल को परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र 700-1000 रुपए में व्हाट्सएप पर बेचा गया। पुलिस ने 3 छात्रों को गिरफ्तार किया है।

Updated: Apr 25, 2026, 06:39 PM IST

ग्वालियर। मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी तकनीकी यूनिवर्सिटी राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवालों में है। ग्वालियर में 6 अप्रैल को आयोजित डिप्लोमा फार्मेसी की पूरक परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर व्हाट्सएप के जरिए छात्रों तक पहुंचा दिया गया था। इसके बदले 700 से 1000 रुपए तक वसूले गए थे। मामले में पुलिस ने तीन छात्रों को गिरफ्तार किया है। जबकि, इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा एक कंप्यूटर ऑपरेटर अभी फरार है।

यह मामला डिप्लोमा फार्मेसी के हॉस्पिटल एंड क्लीनिकल फार्मेसी विषय की पूरक परीक्षा से जुड़ा है, जो 6 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित की गई थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ग्वालियर के आरएनएस फार्मेसी कॉलेज केंद्र के बाहर कुछ छात्रों के मोबाइल फोन में वही प्रश्नपत्र देखा गया जो बाद में परीक्षा में आया। इससे परीक्षा की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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मामले का खुलासा तब हुआ जब परीक्षा के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में कुछ छात्र मोबाइल पर प्रश्नपत्र दिखाते हुए पैसों की बातचीत करते नजर आए। यह वीडियो आरजीपीवी के परीक्षा नियंत्रक योगेंद्र राठौर तक भी पहुंचा। जिसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई और पुलिस जांच शुरू हुई।

जांच में सामने आया है कि कुछ छात्र परीक्षा केंद्र के बाहर खुलेआम पेपर होने का दावा कर रहे थे। शुरुआती जांच में सोहेल मलिक (IPTE फार्मेसी कॉलेज, पिपरौली), वीरेंद्र सिंह धाकड़ (VEE अकादमी, शालूपुरा), किशन धाकड़ और दीपक धाकड़ के नाम सामने आए। वीडियो में अंकेश धाकड़ भी मोबाइल में पेपर दिखाकर रुपए लेने की बात करता दिखाई दिया।

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झांसी रोड थाना पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें अरविंद सिंह धाकड़ (शिवनाथ कॉलेज), अंकेश सिंह धाकड़ (पौहरी निवासी) और जितेश कुशवाह (NITI) शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, इन छात्रों ने एक दूसरे को प्रश्नपत्र फॉरवर्ड किया था। पूछताछ में गिरफ्तार छात्रों ने दावा किया है कि उन्हें प्रश्नपत्र शिवनाथ कॉलेज के कंप्यूटर ऑपरेटर राज सक्सेना ने भेजा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी दीपेश कुशवाह को भी यही पेपर व्हाट्सएप पर भेजा गया था। फिलहाल राज सक्सेना फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि यह सिर्फ एक पेपर लीक का मामला नहीं है और अन्य परीक्षाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि आरएनएस कॉलेज के सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला कि परीक्षा केंद्र में प्रश्नपत्र का पैकेट सुबह 10:54 बजे खोला गया था। जबकि, छात्र 10:45 बजे ही बाहर मोबाइल में पेपर देख रहे थे। इससे साफ हो गया कि पेपर केंद्र पर पहुंचने से पहले ही लीक हो चुका था।

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जांच में यह भी सामने आया कि यही परीक्षा पहले 13 मार्च को प्रस्तावित थी और उस समय भी यही प्रश्नपत्र झांसी रोड थाना तक पहुंच गया था। 13 मार्च को अवकाश होने के कारण परीक्षा स्थगित कर 6 अप्रैल को कराई गई लेकिन उसी पुराने पेपर का गलत इस्तेमाल किया गया। आरजीपीवी से संबद्ध 255 कॉलेजों में इस समय इंजीनियरिंग और फार्मेसी की परीक्षाएं चल रही हैं। सिर्फ इस पूरक परीक्षा में 879 छात्र शामिल हुए थे। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी राज सक्सेना की गिरफ्तारी के बाद पूरे पेपर लीक नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों को लेकर बड़े खुलासे हो सकते हैं।