Jyotiraditya Scindia: कोरोना पॉज़िटिव के साथ कार्यक्रम, सिंधिया पर दर्ज हो प्रकरण

Sajjan Singh Verma: शिवराज सिंह की झूठी घोषणाओं से नहीं भरेगा 60 लाख बेरोजगारों का पेट, गृह क्षेत्र ग्वालियर जाने से क्यों डर रहे सिंधिया 

Updated: Aug-19, 2020, 09:55 PM IST

Jyotiraditya Scindia: कोरोना पॉज़िटिव के साथ कार्यक्रम, सिंधिया पर दर्ज हो प्रकरण

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व लोकनिर्माण मंत्री व कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया कोरोना संक्रमित व्यक्ति के साथ सार्वजनिक कार्यक्रम कर रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज हो और उन्हें 10 दिनों के लिए क्वारंटाइन किया जाए। सज्जन सिंह वर्मा ने सीएम शिवराज पर तंज कसते हुए कहा, 'झूठी घोषणाओं से 60 लाख बेरोजगारों का पेट नहीं भरेगा शिवराज बाबू। प्रदेश के 70 हजार अतिथि शिक्षकों ने आपका क्या बिगाड़ा है?

कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने बुधवार (19 अगस्त) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मध्यप्रदेश सरकार पर झूठे सपने दिखाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पहले कानून लाएं उसके बाद सपने दिखाएं। उन्होंने कहा, 'जिस तरह केंद्र की मोदी सरकार ने हर साल 2 करोड़ नौकरी देने का वादा करके 16 करोड़ लोगों का नौकरी छीन चुकी है उसी तरह का कार्यशैली मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार का भी है। छोटी-छोटी मांगों को लेकर प्रदेश के 70 हजार से ज्यादा अतिथि शिक्षक सरकार के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं पर यह अपरिपक्व सरकार इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं ले पा रही है।

शिक्षक दिवस के दिन प्रदेश के शिक्षक प्रदर्शन करेंगे

कांग्रेस नेता ने इस दौरान कहा कि, 'आज प्रदेश में शिक्षकों की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है। महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक मंदी के चलते उनके पास पेट भरने तक कि समस्या है। हमारे प्रदेश में बच्चों का भविष्य बनाने वाले शिक्षकों का क्या कसूर है? उनको किस बात की सजा शिवराज सरकार दे रही है? यदि सरकार अन्य कर्मचारियों को वेतन दे सकती है तो अतिथि शिक्षकों को क्यों नहीं?' वर्मा ने कहा है कि 5 सितंबर के दिन जब देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जाएगा तब मध्यप्रदेश के शिक्षक सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे। जो सरकार शिक्षकों का पेट नहीं भर सकती उसे डूब मरना चाहिए।

अतिथि शिक्षकों के मुद्दे पर क्यों नहीं बोल रहे ज्योतिरादित्य  सिंधिया

पूर्व मंत्री वर्मा ने कहा, 'मैं ज्योतिरादित्य सिंधिया को याद दिलाना चाहता हूं कि उन्होंने कमलनाथ सरकार के दौरान अतिथि शिक्षकों के मुद्दे पर प्रदेश की सड़कों पर उतरने की धमकी दी थी। अब वह कहां है? अब तो उनकी पार्टी की सरकार है। अब शिवराज उनकी बात क्यों नहीं मान रहे या फिर वह सिर्फ अपने फायदे के लिए अतिथि शिक्षकों की बात कर रहे थे जिससे वह भाजपा के साथ डील कर पाएं?

अपने गृह क्षेत्र ग्वालियर जाने से क्यों डर रहे सिंधिया 

वर्मा ने सिंधिया से पूछा है कि वह अपने गृह क्षेत्र ग्वालियर क्यों नहीं जा रहे हैं? क्योंकि वहां अब उनकी छवि गद्दार की बन गई है। उन्होंने कहा, 'सिंधिया के पास भोपाल जाने के लिए समय है, दिल्ली में रहने के लिए समय है, इंदौर आने के लिए समय है, लेकिन ग्वालियर जाने के लिए अपने घर जाने के लिए समय नहीं है। उनके क्षेत्र ग्वालियर की जनता उन्हें एक गद्दार के रूप में देख रही है। इसी तरह का लगातार फीडबैक मिलने के कारण तथा अपने गृह क्षेत्र के लोगों के विरोध की आशंका के चलते सिंधिया अभी तक 6 महीनों से ग्वालियर नहीं गए हैं।