धार्मिक नगरी उज्जैन का स्याह सच, दिन में भिक्षावृत्ति और रात में देह व्यापार, कांग्रेस ने CM मोहन को घेरा

कांग्रेस नेता अरुण यादव ने कहा कि धार्मिक नगरी उज्जैन में मानवता शर्मसार हो रही है। दिन में नाबालिग लड़कियों से भिक्षावृत्ति और रात में जबरन वेश्यावृत्ति, यह नारी शक्ति वंदन की कड़वी सच्चाई है

Publish: Apr 22, 2026, 07:29 PM IST

उज्जैन। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन की धार्मिक पहचान के पीछे एक भयावह सच्चाई सामने आई है। एक रिपोर्ट के अनुसार यहां दिन में भीख मांगती नजर आने वाली सैकड़ों किशोरियों को रात होते ही जबरन देह व्यापार में धकेला जा रहा है। अंग्रेजी अखबार फ्री प्रेस ने एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) के सर्वे रिपोर्ट के हवाले से इस संगठित शोषण तंत्र को उजागर किया है। मामला सामने आने के बाद विपक्षी दल कांग्रेस सीएम मोहन यादव पर हमलावर है। 

सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक उज्जैन नगर में 3,000 से 3,500 भिखारी सक्रिय हैं। यह आंकड़ा 26 प्रमुख स्थानों के अध्ययन से सामने आया है। हालांकि, अब तक सिर्फ 138 महिला भिखारियों का ही आधिकारिक दस्तावेजीकरण हो पाया है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को दिन में भीख और रात में वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया जा रहा है। 

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रिपोर्ट के अनुसार इस धंधे में शामिल अधिकांश महिलाएं और लड़कियां अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि तस्करी, दबाव और शोषण के जरिए इसमें फंसाई गई हैं। उन्हें बाहरी इलाकों से लाकर गिरोहों की निगरानी में रखा जाता है। मामला सामने आने के बाद विपक्ष राज्य सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस ने कहा कि यह नारी शक्ति वंदन की कड़वी सच्चाई है।

कांग्रेस नेता अरुण यादव ने एक्स पोस्ट में लिखा, 'मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में मानवता शर्मसार हो रही है। दिन में नाबालिग लड़कियों से भिक्षावृत्ति और रात में जबरन वेश्यावृत्ति, यह "नारी शक्ति वंदन" की कड़वी सच्चाई है। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र उज्जैन में ही ऐसा काला कारोबार हो रहा है, सरकार जवाब दे। इस नेटवर्क पर अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की भूमिका क्या है?'

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