सागर में एक ही सिरिंज से 30 छात्रों को लगाया कोरोना टीका, वैक्सीनेटर के खिलाफ केस दर्ज

बच्चों को वैक्सीन लगाने वाले जितेन्द्र अहिरवार ने कहा उसे एचओडी का आदेश था कि एक ही सिरिंज से सभी बच्चों का वैक्सीनेशन करना है

Updated: Jul 28, 2022, 01:42 PM IST

सागर में एक ही सिरिंज से 30 छात्रों को लगाया कोरोना टीका, वैक्सीनेटर के खिलाफ केस दर्ज

सागर। मध्य प्रदेश के सागर में एक निजी स्‍कूल में कोरोना वैक्‍सीनेशन में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक साथ कई बच्चों को एक ही सिरिंज से वैक्सीन दे दिया गया। इस मामला के प्रकाश में आने के बाद हड़कंप मच गया है। प्रशासन की तरफ से कड़ा एक्शन लेने की बात कही जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक सागर ज‍िला मुख्‍यालय स्थित जैन पब्लिक स्कूल में बच्चों को कोरोना के खिलाफ वैक्सीन की डोज लगाने के लिए कैंप लगाया गया था। इसके लिए स्‍वास्‍थ्‍य व‍िभाग ने न‍िजी नर्स‍िंग कॉलेज एसवीएन में पढ़ाई करने वाले नर्स‍िंग के छात्रों की ड्यूटी लगाई थी। बच्चों को वैक्सीन लगाने का काम थर्ड ईयर के एक छात्र ने प्रारंभ किया।

इसके बाद, छात्र ने एक के बाद एक करीब 30 बच्‍चों को कोव‍िड वैक्‍सीन लगाई। लेकिन यहीं पर बड़ी लापरवाही हुई जब उसने एक ही सिरिंज से सभी 30 बच्चों को वैक्सीन की डोज लगा दी। इसका खुलासा तब हुआ जब एक छात्रा के प‍िता की नजर पडी। इसके बाद स्कूल में हंगामा हो गया। वहीं, वैक्सीनेटर भी मौके से फरार हो गया। इस लापरवाही पर बच्चों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। 

मामले की सूचना ज‍िला प्रशासन तक पहुंची तो हड़कंप मच गया। इस मामले में सीएमओ ने जांच के आदेश दिए हैं। CMHO ने मीडिया से कहा, 'हमें इस बात की शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।' प्रशासन ने वैक्सीनेशन महा अभियान के तहत कार्य में लापरवाही बरतने पर वैक्सीनेटर के खिलाफ गोपालगंज पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है।

जब आरोपी थर्ड ईयर के छात्र ज‍ितेंद्र राज से पत्रकारों ने सवाल किया तो उसने कहा कि कॉलेज के एचओडी उसे कार से लेकर गए थे और उन्‍होंने एक ही स‍िर‍िंज दी थी, इसल‍िए सारे बच्‍चों को एक ही स‍िर‍िंज से वैक्सीन की डोज दी है। मामले में विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य सरकार को निशाने पर लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा है कि सागर जिले से तीन मंत्री हैं। कम से कम एक को इस्तीफा देना चाहिए।