दलाली कर करोड़पति हो गया वीडी शर्मा का रिश्तेदार, RSS कार्यकर्ता ने जेपी नड्डा से की शिकायत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता सत्यनारायण शर्मा ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को संबोधित पत्र में ग्वालियर के सह-प्रभारी अरुण चतुर्वेदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

Updated: Jan 02, 2023, 01:16 PM IST

दलाली कर करोड़पति हो गया वीडी शर्मा का रिश्तेदार, RSS कार्यकर्ता ने जेपी नड्डा से की शिकायत

गुना। प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष वीडी शर्मा के करीबी नेता अरुण चतुर्वेदी पर संघ के एक कार्यकर्ता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरएसएस से जुड़े एक व्यक्ति ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर कहा है कि दलाली के माध्यम से अरुण चतुर्वेदी करोड़पति हो गया। 7 पन्नों की इस चिट्ठी में सिलसिलेवार घटनाओं के द्वारा चतुर्वेदी का काला चिट्ठा खोला गया है। पत्र वायरल होने के बाद गुना की राजनीति गरमाई हुई है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता सत्यनारायण शर्मा ने BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा को संबोधित पत्र में लिखा है कि, 'भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और ग्वालियर के सह-प्रभारी अरुण अरुण चतुर्वेदी ने प्रतिमाह 1000 रुपए वेतन की नौकरी से लेकर खुद की पान की गुमठी लगाकर धनवान बनने का हमेशा प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर अरुण ने राजनीति के माध्यम से दलाली शुरू कर दी। इनका एक ही लक्ष्य रहा है कि धनवान बनना है। फिर उसके लिए कुछ भी करना पड़े, किसी भी स्तर पर गिरना पड़े। 25 साल पहले गुमठी लगाकर जीवन यापन करने वाले अरुण पर अब बिना कारोबार करोड़ों की संपत्ति का मालिक है।'

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पत्र में लिखा गया है कि अरुण भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का करीबी है और खुद को उनका रिश्तेदार भी बताता है। अरुण के अनुसार प्रदेश संगठन महामंत्री हितानन्द शर्मा विद्यार्थी परिषद में उसके अधीन कार्य कर चुके हैं। अरुण पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ फोटो खिंचवाने का शौकीन है। यह शौक उसकी दलाली की योजना का हिस्सा है। वह इन फोटो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर अधिकारियों में यह संदेश देने में सफल होता है कि मेरे बड़े नेताओं से संबंध है। सत्ताधारी पार्टी में होने के कारण अधिकारी आसानी से प्रभाव में आ जाते हैं। ग्वालियर शहर का संगठन प्रभारी है और इसके द्वारा ग्वालियर में भी भ्रष्टाचार किया। ग्वालियर महापौर हम इसीलिए 50 साल में पहली बार हारे।'

सत्यनारायण शर्मा ने चिट्ठी में लिखा कि, 'अरुण का एक भाई उदयभानु चतुर्वेदी कृषि विभाग में ग्राम सेवक है। अरुण द्वारा उसे प्रतिनयुक्ति पर मंडी सेकेट्री बनवाया गया। उन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। कई शिकायत भी हुई है, परंतु अरुण सेटिंग कर के शिकायतों को मैनेज कर लेता है। एक भाई शिक्षा विभाग में बाबू है, जिसे भ्रष्टाचार के आरोप में कई बार सस्पेंड किया गया है। उसने शिक्षा विभाग में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार कर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। एक भाई मंडी में खाद वितरण गोदाम प्रभारी है। उसके माध्यम से अरुण ने बड़े स्तर पर खाद की कालाबाजारी कर पिछले 2 वर्षों में करोड़ों की संपति अर्जित की है।'

पत्र में आगे लिखा है कि अरुण का एक भाई मोनू चतुर्वेदी गुना में बड़े स्तर पर जुए की टांग (सुरक्षा की गारंटी लेकर जुआ खिलवाना और बदले में पैसे लेना) चलाता है। इससे हजारों रुपये प्रतिदिन की आय होती है। अरुण के राजनीतिक प्रभाव के कारण पुलिस को सब पता होने के बाद भी कार्यवाही नहीं करते है। कई बार पुलिस की छापेमारी में पकड़ा भी गया है, परंतु अरुण द्वारा बिना किसी कार्रवाई के छुड़वा लिया गया है।

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पत्र में आरोप लगाया गया है कि, 'अरुण ने भाजपा सरकार में शासकीय उचित मूल्य की दुकान, नगरपालिका में 2 दुकान, कृषि उपज मंडी गुना में प्लाट, जिला पंचायत में दुकान, गुना चिंताहरण मन्दिर के पास कमर्शियल बहुमूल्य जमीन, सिंगवासा पर जमीन, बमोरी में जमीन, भार्गव कॉलोनी में प्लॉट, क्रेशर की लीज सहित अपने भाई-रिश्तेदारों के नाम से अनेकों प्रोपर्टी बनाई है। कम से कम 10 दो पहिया और 4 से अधिक चार पहिया वाहन सहित और भी अनेक चल-अचल संपत्ति पिछले कुछ वर्षों में बिना व्यापार अर्जित की है।' इस शिकायती पत्र के बाद गुना की सियासत गरमाई हुई है, वहीं प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बहरहाल, बीजेपी या वीडी शर्मा की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।