CCD चलाने वाली कंपनी पर लगा 26 करोड़ का जुर्माना, सब्सिडियरी कंपनी से फंड हेराफेरी का आरोप

कॉफी डे एंटरप्राइजेज कैफे कॉफी डे का संचालन करती है। सेबी ने कॉफी डे एंटरप्राइज पर सब्सिडियरी कंपनी से फंड हेराफेरी का आरोप लगाए हैं।

Updated: Jan 25, 2023, 09:13 AM IST

CCD चलाने वाली कंपनी पर लगा 26 करोड़ का जुर्माना, सब्सिडियरी कंपनी से फंड हेराफेरी का आरोप

मुंबई। कैफे कॉफी डे (CCD) नाम से लोकप्रिय कॉफी चेन चलाने वाली कंपनी "कॉफी डे एंटरप्राइजेज" पर 26 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगा है। यह कार्रवाई मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने की है। कॉफी डे पर आरोप है कि उसने अपनी सब्सिडियरी कंपनियों के पैसे का इस्तेमाल प्रमोटर से जुड़ी एक कंपनी में किया है। SEBI ने 45 दिन के अंदर कंपनी को जुर्माने की राशि जमा करने का आदेश दिया है। 

दरअसल, यह मामला मैसूर एमल्गमेटेड कॉफी एस्टेट्स लिमिटेड (MACEL) को ट्रांसफर किए गए रुपयों से जुड़ा हुआ है। MACEL, कैफे कॉफी डे के प्रमोटरों से जुड़ी कंपनी है। सेबी ने अपनी जांच में पाया कि कॉफी डे एंटरप्राइजेज की सात सब्सिडियरी कंपनियों से 3,535 करोड़ रुपये की राशि मैसूर अमलगमेटेड कॉफी एस्टेट्स लिमिटेड को भेजी गई, जो कॉफी डे एंटरप्राइजेज के प्रमोटरों से संबंधित कंपनी है। 

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सेबी के मुताबिक सात सब्सिडियरी कंपनियों से MACEL को जो फंड ट्रांसफर किया गया, वह वीजी सिद्धार्थ, उनके परिवार और संबंधित संस्थाओं के व्यक्तिगत खातों में गया है। इस प्रकार यह पैसा सिस्टम में बना हुआ है। कॉफी डे ग्रुप के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ ने जुलाई 2019 में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। ऐसा कहा गया था कि उन्होंने निदेशक मंडल और कॉफी डे परिवार को संबोधित एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उन्होंने खुलासा किया था कि कर्ज के कारण वह सदमे में थे।

सेबी के बयान के अनुसार, लगभग 91.75 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दिवंगत कारोबारी वीजी सिद्धार्थ के परिवार के पास MACEL का मालिकाना हक है। साथ ही, यह परिवार कॉफी डे एंटरप्राइजेज का भी प्रमोटर है। सहायक कंपनियों की तरफ से कुल हस्तांतरित 3 हजार 535 करोड़ रुपये में से सिर्फ 111 करोड़ रुपये ही जुलाई 2019 से मैसूर अमलगेटेड कॉफी एस्टेट्स ने लौटाए हैं। 

SEBI ने कॉफी डे एंटरप्राइजेज लिमिटेड को निर्देश दिया है कि MACEL को दिए पैसों को ब्याज सहित वसूलने के लिए हर जरूरी कदम उठाए। सेबी की कार्रवाई को इस साल मई में होने जा रहे कर्नाटक विधानसभा चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। क्योंकि CCD के प्रमोटर्स कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के करीबी रिश्तेदार हैं। डीके शिवकुमार की बेटी की शादी सीसीडी के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ के बेटे से हुई है।