शराबबंदी वाले गुजरात में जहरीली शराब पीने से 28 लोगों की मौत, 45 की हालत गंभीर

गुजरात में शराब की बिक्री पर पाबंदी है, इसके बावजूद राज्य में धड्डले से शराब के कारोबार हो रहे हैं, रविवार को जहरीली शराब पीने से यहां 28 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन दर्जन से अधिक लोग जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं

Updated: Jul 26, 2022, 06:27 PM IST

शराबबंदी वाले गुजरात में जहरीली शराब पीने से 28 लोगों की मौत, 45 की हालत गंभीर

अहमदाबाद। शराबबंदी वाले गुजरात के बोटाद जिले में जहरीली शराब के सेवन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि की है। वहीं 45 लोग विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी से जंग लड़ रहे हैं। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना पर राज्य सरकार को निशाने पर लिया है।

गुजरात के पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया ने गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा कि अत्यधिक जहरीले मिथाइल अल्कोहल (मेथनॉल) से शराब बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि हत्या और अन्य अपराधों के आरोप में 14 लोगों के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं और उनमें से अधिकांश को हिरासत में लिया गया है।

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गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ता (ATS) और अहमदाबाद अपराध शाखा भी जांच में शामिल हो गई है। यह मामला सोमवार सुबह तब सामने आया जब बोटाड के रोजिड गांव और आसपास के अन्य गांवों में रहने वाले कुछ लोगों को उनकी हालत बिगड़ने पर बरवाला क्षेत्र और बोटाद कस्बों के सरकारी अस्पतालों में भर्ती किया गया। परिजनों ने बताया कि रात में शराब पीने के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी थी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जहरीली शराब के सेवन से अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है। उनमें से 22 बोटाद जिले के विभिन्न गांवों के थे, जबकि छह लोग पड़ोसी अहमदाबाद जिले के थे। इसके अलावा 45 से अधिक लोग वर्तमान में भावनगर, बोटाद और अहमदाबाद के अस्पतालों में भर्ती हैं।

गुजरात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि, 'गुजरात के रोज़िद गाँव में ज़हरीली शराब पीने से लोगों की मौत की खबर से व्यथित हूँ। सरपंच ने गृह मंत्री, PSI, DSP आदि को बार बार लिखा था की शराब बेचा जा रहा है। बड़ा हादसा हो सकता है। गुजरात में भाजपा सरकार ने अपराधियों का राजनैतिक उपयोग कर उन्हें आपराधिक काम करने की छूट दे रखी है।'