अब चार साल देश की सेवा करने के बाद बेरोजगार हो जाएंगे सैनिक, अग्निपथ भर्ती योजना की घोषणा

इस योजना के तहत भर्ती होने वाले 75 फीसदी सैनिकों को 4 साल बाद ही नौकरी से निकाल दिया जाएगा, अन्य 25 प्रतिशत युवाओं को सेना रिटेन करेगी जो अति प्रतिभाशाली होंगे

Updated: Jun 14, 2022, 03:27 PM IST

अब चार साल देश की सेवा करने के बाद बेरोजगार हो जाएंगे सैनिक, अग्निपथ भर्ती योजना की घोषणा
Photo Courtesy: NDTV

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज 'अग्निपथ भर्ती योजना' की घोषणा की है। नाम के मुताबिक ही यह स्कीम अग्निपथ से कम घातक नहीं है। इस योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले 75 फीसदी युवाओं को 4 साल में ही नौकरी से निकाल दिया जाएगा। महज 25 फीसदी युवा जो अति प्रतिभाशाली होंगे उन्हें रिटेन किया जाएगा। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को अग्नीवीर कहा जाएगा। 

स्कीम के तहत लड़के एवं लड़कियों दोनों को ही तीनों सेनाओं में भर्ती का मौका मिलेगा। अग्निवीर के आवेदन के लिए आयु 17 साल 6 महीने से लेकर 21 साल तक की होनी चाहिए। अग्निवीरों के लिए भी मेडिकल और फिजिकल फिटनेस के नियम वही रहेंगे, जो अब तक अन्य सैनिकों के लिए रहे हैं। 10वीं और 12वीं पास युवाओं को अग्निवीर के तौर पर अलग-अलग पदों पर भर्ती के लिए मौका दिया जाएगा। पहले साल में अग्निवीरों को सालाना 4.76 लाख रुपये का पैकेज मिलेगा। चौथे साल के अंत तक यह राशि बढ़कर 6.92 लाख रुपये हो जाएगी।

नौकरी खत्म होने पर 11.7 लाख रुपये का पैकेज दिया जाएगा। अग्नीवीरों को चीन और पाकिस्तान के बोर्डर्स पर नियुक्त किया जाएगा। नौकरी के दौरान शहादत पर परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा के रूप में मिलेंगे। वहीं सेवा के दौरान दिव्यांग होने या गंभीर रूप से जख्मी होने की स्थिति में 44 लाख रुपये का कवरेज मिलेगा। सेवामुक्त किए जाने के बाद भी उन्हें 'अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट' दिया जाएगा। 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सेना को विश्व की बेहतरीन सेना बनाने के लिए अग्निपथ योजना ला रहे है। इस योजना से देश के युवाओं को राष्ट्र की सेवा करने का मौका मिलेगा। देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अग्निवीर आएंगे। नौकरी के अवसर बढ़ेंगे। अग्निवीर के तहत अच्छे पैकेज की व्यवस्था की गई है। नौसेना की अग्निवीर में महिलाएं भी शामिल होंगी। अग्निवीर सेवा के दौरान अर्जित स्किल एवं अनुभव, उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में रोज़गार प्राप्त करने में मदद करेंगे।

सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि, 'उनके 4 साल के प्रशिक्षण के दौरान, अग्निवीर आसानी से हमारी सैन्य इकाइयों से जुड़ जाएंगे। आवश्यकता के अनुसार, वे चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर तैनात होने में सक्षम होंगे। योजना के क्रियान्वयन के दौरान हमारी परिचालन क्षमताओं से कोई समझौता नहीं होगा। नौसेना प्रमुख ने कहा, 'अभी नौसेना में महिला अधिकारी हैं। अग्निपथ योजना के तहत महिला अग्निवीर नाविकों को भी शामिल किया जाएगा। यह एक बड़ा कदम है।'

यह भी पढ़ें: राहुल गांधी से ईडी दफ्तर में चल रही है पूछताछ, आज फिर कई कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार

एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा कि, 'भारतीय वायुसेना अग्निवीरों को एविएशन वेपन्स और ग्राउंड सिस्टम इक्विपमेंट्स के बारे में प्रशिक्षण और प्रदर्शन की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करेगी। मैं भारत के महत्वाकांक्षी युवाओं को देश की सेवा करने और भारतीय वायुसेना के ध्येय वाक्य गौरव के साथ आकाश को छूने के इस अनूठे अवसर का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित करता हूं।'