केरल में दिखाई जाएगी BBC की डॉक्यूमेंट्री, हंगामे के बीच DYFI का बड़ा ऐलान

केंद्र सरकार ने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री इंडिया : द मोदी क्वेश्चन का लिंक साझा करने वाले कई यूट्यूब वीडियो और ट्विटर पोस्ट को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए हैं।

Updated: Jan 24, 2023, 12:38 PM IST

केरल में दिखाई जाएगी BBC की डॉक्यूमेंट्री, हंगामे के बीच DYFI का बड़ा ऐलान

तिरुवनन्तपुरम। गुजरात में हुए 2002 के दंगों पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को लेकर शुरू हुआ विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। केंद्र सरकार द्वारा डॉक्यूमेंट्री पर रोक लगाए जाने के बाद भी भारत में कई जगहों पर इसकी स्क्रीनिंग की खबरें हैं। अब जानकारी मिली है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने वाली बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को लेकर केरल राज्य में दिखाया जाएगा। 

केरल की सत्तारूढ़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की छात्र इकाई डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) ने इसका ऐलान किया है। डीवाईएफआई की तरफ से ये फैसला केंद्र सरकार द्वारा बीबीसी के डॉक्यूमेंट्री के लिंक को यूट्यूब और ट्विटर से ब्लॉक किए जाने के आदेश के बाद लिया गया है।

बता दें कि केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ट्विटर और यूट्यूब को इंडिया: द मोदी क्वेश्चन नामक डॉक्यूमेंट्री के लिंक ब्लॉक करने का निर्देश दिया है। विदेश मंत्रालय ने डॉक्यूमेंट्री को दुष्प्रचार का हिस्सा बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि इसमें निष्पक्षता का अभाव है और यह एक औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है।

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उधर JNUSU ने भी विश्वविद्यालय परिसर में आज इसका स्क्रीनिंग रखा है। हालांकि, विवि प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर कार्यक्रम को रद्द करने के निर्देश दिए हैं। बावजूद छात्र संगठन ने कहा है कि हम डॉक्यूमेंट्री स्टूडेंट्स को दिखाएंगे। स्क्रीनिंग के कार्यक्रम को लेकर JNU में पैम्फ्लेट बांटे गए है। जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने अपने फेसबुक पेज पर स्क्रीनिंग संबंधी पोस्टर साझा करते हुए लिखा कि इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के लिए हमारे साथ जुड़ें, जिसे सबसे बड़े "लोकतंत्र" की "चुनी हुई सरकार" द्वारा "प्रतिबंधित" किया गया है।

इससे पहले हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में इसकी स्क्रीनिंग हो चुकी है। यहां छात्रों के एक समूह ने सोमवार को कैंपस के भीतर गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी की भूमिका पर बनी इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का आयोजन किया था। एबीवीपी से जुड़े लोगों ने स्क्रीनिंग में शामिल हुए छात्रों पर कार्रवाई की मांग की है।