हिमाचल में मीडिया पर सेंसर, पीएम मोदी की रैली कवर करने के लिए पत्रकारों को लेना होगा चरित्र प्रमाण पत्र

बुधवार को हिमाचल में चुनाव प्रचार करने जाएंगे पीएम मोदी, आलोचनात्मक दृष्टिकोण रखने वाले पत्रकारों को प्रतिबंधित करने की तैयारी, कैरेक्टर सर्टिफिकेट के बगैर एंट्री नहीं, विपक्ष ने की तीखी आलोचना।

Updated: Oct 04, 2022, 01:07 PM IST

हिमाचल में मीडिया पर सेंसर, पीएम मोदी की रैली कवर करने के लिए पत्रकारों को लेना होगा चरित्र प्रमाण पत्र

शिमला। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल हिमाचल दौरे पर रहेंगे। बीते दिनों कथित रूप से भीड़ नहीं होने के कारण राज्य में प्रधानमंत्री की यात्रा अचानक कैंसिल कर दी गई थी। ऐसे में इसबार राज्य सरकार रैली को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। रैली को सफल दिखाने के लिए सत्ताधारी दल ने मीडिया पर सेंसरशिप लगा दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएम मोदी की रैली में सिर्फ "चरित्रवान पत्रकारों" को ही एंट्री मिलेगी। पत्रकार चरित्रवान हैं कि चरित्रहीन हैं यह अधिकारी तय करेंगे।
प्रशासन की ओर से इस संबंध में बकायदा आदेश जारी किए गए हैं। न केवल प्राइवेट न्यूज चैनल, प्रिंट और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों के लिए, बल्कि ऑल इंडिया रेडियो (AIR) और दूरदर्शन के प्रतिनिधियों को भी 'चरित्र सत्यापन' के प्रमाण पत्र लाने के लिए कहा गया है। 

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इसे लेकर पुलिस ने 29 सितंबर 2022 को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी। अधिसूचना में जिला जनसंपर्क अधिकारी (DPRO) को सभी प्रेस संवाददाताओं, फोटोग्राफरों, वीडियोग्राफरों और दूरदर्शन और आकाशवाणी की टीमों की सूची के साथ-साथ उनके 'चरित्र सत्यापन का प्रमाण पत्र' भी देने को कहा गया है। अधिसूचना में कहा गया है, 'चरित्र सत्यापन का प्रमाण पत्र पुलिस उपाधीक्षक, सीआईडी, बिलासपुर के कार्यालय द्वारा दिया जाएगा।

हिमाचल कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता नरेश चौहान ने प्रशासन की इस अधिसूचना की निंदा की और कहा कि यह कदम मीडिया की स्वतंत्रता के खिलाफ है। कांग्रेस ने कहा है कि यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का अपमान है। देश में पत्रकारिता खतरे में है। राज्य के पत्रकारों में भी इस बात को लेकर उबाल है। स्थानीय पत्रकारों ने कहा कि, 'पीएम मोदी जी पहली बार राज्य का दौरा नहीं कर रहे हैं। यहां मीडिया की गतिविधियों पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है।'

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बता दें कि राज्य में 24 सितंबर को होने वाली पीएम मोदी की रैली ऐन मौके पर खराब मौसम का हवाला देकर रद्द कर दिया गया था। हालांकि, स्थानीय पत्रकारों के मुताबिक मौसम कोई मुद्दा नहीं था। असल में सभास्थल पर लोग नहीं आए थे, इस वजह से रैली को कैंसिल करना पड़ा था। विपक्षी दल कांग्रेस ने भी यही कारण बताया था। ऐसे में सभी की निगाहें बुधवार को होने वाली प्रधानमंत्री की यात्रा पर टिकी हुई हैं। अब कोई पत्रकार सभा की खामियां उजागर न कर सके, इसके लिए आलोचनात्मक दृष्टिकोण रखने वाले पत्रकारों कि एंट्री बैन करने की तैयारी है।