देश के 73 जिलों में दस फीसदी से अधिक है पॉजिटिविटी रेट, नॉर्थ ईस्ट की हालत चिंताजनक

उत्तर पूर्वी राज्यों के 45 जिलों में पॉजिटिविटी रेट, यह आंकड़ा 29 जून से 5 जुलाई तक का है

Publish: Jul 07, 2021, 09:24 AM IST

देश के 73 जिलों में दस फीसदी से अधिक है पॉजिटिविटी रेट, नॉर्थ ईस्ट की हालत चिंताजनक
Photo Courtesy: The Guardian

नई दिल्ली। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच देश भर के कई जिलों में पॉजिटिविटी रेट दस फीसदी के ऊपर पहुंच गई है। उत्तर पूर्वी राज्यों के हालात सबसे चिंताजनक हैं। स्वास्थ्य मंत्रलाय के मुताबिक 29 जून से 5 जुलाई के बीच देश भर के 73 जिलों में दस फीसदी से अधिक पॉजिटिविटी रेट दर्ज की गई है। 

इन 73 ज़िलों में सबसे ज़्यादा पॉजिटिविटी रेट उत्तर पूर्व के राज्यों में है। नॉर्थ ईस्ट के 45 ज़िले ऐसे हैं जहां पॉजिटिविटी रेट दस फीसदी के ऊपर है। इनमें सबसे ज्यादा अरुणाचल प्रदेश के 18 ज़िले हैं। इसके बाद मणिपुर के 9, मेघालय के 6, त्रिपुरा के 4, सिक्किम के 4, नागालैंड के 3 और मिजोरम का एक जिला है। 

मणिपुर में कोरोना के 5,974 एक्टिव मामले हैं। मेघालय में 4,354, त्रिपुरा में 3,962, मिजोरम में 3,730, सिक्किम में 1,869 और नागालैंड में 1192 कोरोना के एक्टिव मामले हैं। आईसीएमआर के निदेशक बलराम भार्गव ने उत्तर पूर्वी राज्यों के हालात पर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि उत्तर पूर्वी राज्यों में कोरोना की टेस्टिंग बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही जिला स्तर पर पॉजिटिविटी रेट पर पैनी नजर रखने की दरकार है। बलराम भार्गव ने कहा है कि जरूरी है कि माइक्रो कंटेनमेंट ज़ोन बनाए जाएं। 

दूसरी तरफ एसबीआई रिसर्च ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि कोरोना की तीसरी लहर अब बहुत दूर नहीं है। अगस्त के दूसरे पखवाड़े में कोरोना की तीसरी लहर आएगी और सितंबर में यह अपने पीक पर पहुंच जाएगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दूसरी लहर की तुलना में तीसरी लहर में कोरोना के मामले 1.7 गुना अधिक होंगे।