जासूसी कांड पर खबर देने वाले द वायर के दफ्तर पहुंची पुलिस, सवाल उठने पर बोली रूटीन चेकअप

द वायर के दिल्ली स्थित कार्यालय में पुलिस ने जाकर मांगी रेंट एग्रीमेंट, पूछा- स्वरा भास्कर कौन हैं, विनोद दुआ कौन हैं? एडिटर ने चेकिंग को बताया बेतुका

Updated: Jul 24, 2021, 01:33 AM IST

जासूसी कांड पर खबर देने वाले द वायर के दफ्तर पहुंची पुलिस, सवाल उठने पर बोली रूटीन चेकअप

नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह दैनिक भास्कर और यूपी के न्यूज़ चैनल भारत समाचार पर छापेमारी की घटना के बाद अब पुलिस द वायर के ऑफिस पहुंची है। पेगासस जासूसी कांड का खुलासा करने वाले भारतीय मीडिया संस्थान द वायर के दफ्तर में शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने जाकर छानबीन की। इस दौरान पुलिस ने वहां अजीबोगरीब सवाल भी पूछे। मामले पर हंगामा बढ़ने के बाद पुलिस ने इसे रूटीन चेकअप करार दिया।

द वायर के फॉउंडर सिद्धार्थ वर्धराजन ने इस बारे में जानकारी देते हुए ट्वीट किया कि, 'द वायर के ऑफिस में एक अलग सा दिन..,पेगासस प्रोजेक्ट के बाद पुलिसकर्मी आज बेतुके सवालों के साथ पहुंचे। विनोद दुआ कौन है? स्वरा भास्कर कौन है? क्या मैं आपका रेंट एग्रीमेंट देख सकता हूं? क्या मैं आरफा खानम शेरवानी से बात कर सकता हूं? यह पूछे जाने पर कि वो क्यों आए हैं। 15 अगस्त के लिए रूटीन चेकिंग।' 

पुलिस के इस तफ्तीश को लेकर बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने तंज कसा है। स्वरा ने ट्वीट किया, 'प्रिय दिल्ली पुलिस, विकिपीडिया और गूगल भी इस प्रश्न का उत्तर दे सकते हैं कि स्वरा भास्कर कौन है। अधिक निजी जानकारी के लिए आप मेरे इंस्टाग्राम अकाउंट को फॉलो करें। मेरे पिता उदय भास्कर एक नौसेना के रिरायर्ड फौजी हैं।’

इस घटना को लेकर डीसीपी नॉर्थ दिल्ली ने सिद्धार्थ वर्धराजन के ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए कहा कि यह स्वतंत्रता दिवस को लेकर रूटीन जांच थी। डीसीपी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया,  'स्वतंत्रता दिवस की तैयारी में सुरक्षा और आतंकरोधी कदम उठाए जा रहे हैं। जैसे किरायेदारों का सत्यापन, गेस्ट हाउस की चेकिंग आदि पूरे दिल्ली में किये जा रहे हैं। स्थानीय पुलिसकर्मी एक ऑफिस का सत्यापन करने गए थे, जिसके प्रवेश द्वार पर कोई साइन बोर्ड नहीं था।' 

द वायर संस्थान दुनियाभर के उन 16 मीडिया हाउस में से एक है जो पेगासस जासूसी कांड के खुलासे में शामिल थे। देश में इसी मीडिया संस्था ने प्रमुख लोगों की जासूसी की खबर की है। उधर दिल्ली पुलिस की टाइमिंग को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वायर दफ्तर में पुलिस तब गई है जब पिछले कुछ दिनों से वायर ने भारतीय एजेंसियों द्वारा लोगों के फोन टैप किए जाने की खबर चलाई है।

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इसके एक दिन पहले ही केंद्र सरकार को लेकर आलोचनात्मक खबरें देने वाले भास्कर और भारत समाचार पर इनकम टैक्स विभाग ने छापेमारी की है। ऐसे में अब द वायर के दफ्तर में तफ्तीश को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एडिटर्स गिल्ड ने आज ही पेगासस को लेकर मीडिया संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। एडिटर्स गिल्ड ने आरोप लगाया है कि सरकार विभिन्न एजेंसियों की मदद से मीडिया की स्वतंत्रता को दबाने की कोशिश कर रही है।